आलोक वर्मा जौनपुर ब्यूरो,
जौनपुर: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक संपन्न, मुआवजा भुगतान और लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश
जौनपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण एवं चौड़ीकरण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण से संबंधित लंबित प्रकरणों पर बिंदुवार चर्चा की गई और अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए।
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 135ए (जौनपुर-शाहगंज पैकेज-2), 135ए (सिटी बाईपास), एनएच 233 (घाघरा-वाराणसी ब्रिज) तथा 135ए (पश्चिमी बाईपास) की प्रगति, भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान की स्थिति का जायजा लिया गया।
बैठक के मुख्य बिंदु:
किसानों को समय पर मुआवजा: जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन भू-स्वामियों का भुगतान लंबित है, उन्हें प्राथमिकता देकर प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। अवार्ड घोषित होने के बाद किसी भी पात्र व्यक्ति को भुगतान के लिए भटकना न पड़े।
जौनपुर-अकबरपुर पैकेज-2 (NH 135A): मुख्य राजस्व अधिकारी ने बताया कि 30.50 किमी लंबी इस परियोजना के 35 प्रभावित गांवों में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है और 90 प्रतिशत निर्माण कार्य संपन्न हो चुका है। जिलाधिकारी ने शेष कार्य जल्द पूरा करने और न्यायालय में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी के निर्देश दिए।
सिटी बाईपास व एनएच 233: लगभग 28 किमी लंबे सिटी बाईपास के अधिकांश गांवों में अधिग्रहण पूरा हो चुका है। वहीं, एनएच 233 (वाराणसी-आजमगढ़) की 16 किमी परियोजना में से 08 किमी पर कब्जा दिलाया जा चुका है। जिलाधिकारी ने राजस्व अभिलेखों की त्रुटियों को तुरंत सुधारने के आदेश दिए।
पश्चिमी बाईपास का महत्व: पश्चिमी बाईपास को यातायात सुगमता के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण व राजस्व संशोधन के कार्य में तेजी लाने को कहा ताकि निर्माण में कोई बाधा न आए।
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों (SDMs) को निर्देश दिए कि वे किसानों व प्रभावित परिवारों के साथ समन्वय बनाकर उनकी समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण करें और इन प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें।
बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी, एनएचएआई (NHAI) के अधिकारी, संबंधित उपजिलाधिकारी और राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।