आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,
कागजी ITI सेंटरों पर गिरेगी गाज: शासन के कड़े रुख के बाद जिलाधिकारी जौनपुर ने गठित की जांच टीम
प्रमुख सचिव के पत्र के बाद हरकत में आया प्रशासन; 15 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के सख्त निर्देश
जौनपुर: जौनपुर जिले में केवल कागजों पर संचालित हो रहे और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (Private ITI) के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ा शिकंजा कस दिया है। व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ० हरिओम के कड़े निर्देश के बाद जिलाधिकारी जौनपुर के आदेश पर तीन वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय जांच टीम का गठन किया गया है।
शासन का कड़ा पत्र: “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है अपराध”
शासन द्वारा जारी पत्र (संख्या-2087/89-व्या०शि० दिनांक 28.07.2026) का हवाला देते हुए जिला प्रशासन ने माना है कि जिले में कई ऐसे निजी ITI संस्थान चल रहे हैं जो मान्यता के न्यूनतम मानकों को भी पूरा नहीं करते। ये संस्थान छात्रों को गुमराह कर प्रवेश ले लेते हैं और मोटी फीस वसूलते हैं, जबकि वहां गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण की कोई व्यवस्था नहीं होती। शासन ने इसे स्पष्ट शब्दों में “छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ और अपराध” की श्रेणी में माना है।
तीन अधिकारियों की टीम को मिली कमान
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) परमानन्द झा द्वारा जारी कार्यालय आदेश (संख्या: 3936/जे०ए०, दिनांक 04.08.2026) के तहत जिले के निजी ITI संस्थानों की भौतिक स्थिति और मानकों की जांच के लिए निम्नलिखित अधिकारियों की संयुक्त समिति बनाई गई है:
श्री प्रदीप कुमार रमन – उप जिलाधिकारी (न्यायिक), शाहगंज, जौनपुर।
श्री आशुतोष पाठक – उपायुक्त, उद्योग, जौनपुर।
श्री नरेन्द्र विश्वकर्मा – जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जौनपुर।
15 दिनों में देनी होगी रिपोर्ट, होगी वैधानिक कार्रवाई
जांच समिति को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे जौनपुर जनपद के निजी ITI संस्थानों के मानकों की स्थलीय जांच (Physical Verification) कर अपनी संयुक्त हस्ताक्षरित रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत करें। शिकायतों की पुष्टि होने पर दोषी संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
फर्जीवाड़े के सिंडिकेट में मचेगा हड़कंप
जिला प्रशासन के इस रुख के बाद जिले भर में दुकान की तरह चल रहे फर्जी और बिना इंफ्रास्ट्रक्चर वाले ITI संचालकों में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह होगा कि यह जांच टीम धरातल पर उतरकर कितनी निष्पक्षता से कागजी सेंटरों की कलाई खोलती है और शासन को क्या संस्तुति भेजती है।
संपादकीय नोट: यह समाचार रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय जौनपुर द्वारा जारी आधिकारिक पत्र (दिनांक 04.08.2026) पर आधारित है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक निर्देशों और जनहित से जुड़े फैसलों को पारदर्शी रूप से सामने लाना है।