IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II


आलोक वाजपेयी (ज्योतिषाचार्य),
🕉️ सब पर राम तपस्वी राजा,
तिनके काज सकल तुम साजा।
अर्थ: सब राजाओं में तपस्वी श्री राम सबसे ऊपर और श्रेष्ठ हैं। हे हनुमान जी, आपने उनके भी सभी कार्यों को आपने आसानी से संवार दिया।
🙏🙏🌱🌹
🙌🙌🙌 हर हर महादेव 🙌🙌🙌
🕉️ जय माता की 🙏🙏 🙏🙏🌱🌹
IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II
🕉️ श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏
🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹
विक्रम संवत 2083
संवत्सर नाम -: रौद्र
संवत्सर राजा-: गुरु
संवत्सर मंत्री-: मंगल
🌕सूर्य उत्तरायण, ऋतु-: वर्षा
सूर्य उदय : प्रातः 5/43
सूर्य अस्त : सायं 7/12
📺 आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि
अंग्रेजी दिनांक-: 25/7/2026
दिन-: शनिवार
🌕 चंद्रमा-: वृश्चिक राशि में
🥳राशि स्वामी-: मंगल
🌱 आज का नक्षत्र – ज्येष्ठा
💓 नक्षत्र स्वामी – : बुद्ध
✨️ चंद्रमा का नक्षत्र चरणों में प्रवेश काल
प्रात: 11/21 से ज्येष्ठा नक्षत्र चरण 2 में
सायं 6/06 से ज्येष्ठा नक्षत्र चरण 3 में
रात्रि 12/50 से ज्येष्ठा नक्षत्र चरण 4 में
आज का करण और योग आदि
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🪐 करण-: प्रात: 11/35 तक विष्टी-: विष्टि करण को शुभ नहीं माना जाता है। यह करण व्यक्ति पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, जिसके कारण जातक का स्वभाव अविश्वासी हो सकता है। वे अनैतिक कार्यों में लिप्त हो सकते हैं। विष्टि करण को भद्रा करण भी कहा जाता है और सभी शुभ कार्यों में इससे बचना चाहिए। हालांकि, विष्टि या भद्रा करण विनाशकारी कार्यों के लिए उपयुक्त है, जैसे शत्रु पर हमला करना, किसी की हत्या करना, जहर देना, अपहरण करना, तांडिव कृत्यों से नुकसान पहुंचाना
उसके बाद बालव-:बालव करण व्यक्ति को आध्यात्मिक स्वभाव प्रदान करता है। बालव करण में जन्मे लोग तीर्थयात्रा कर सकते हैं और अपने जीवन का अधिक समय आध्यात्मिक गतिविधियों में व्यतीत कर सकते हैं।
🔥 योग-: रात्रि 9/00 तक ब्रम्ह: यह एक अत्यंत शुभ योग है, धन के लिये अत्यंत शुभ
🪴 आज के भद्रा, पंचक, त्यौहार आदि
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गन्डमूल, हरिशयनी एकादशी व्रत, चातुर्मास व्रत नियम आदि प्रारंभ, श्री विष्णु शयन उत्सव
आज की शुभ दिशा -: दक्षिण,पश्चिम,दक्षिण-पश्चिम
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♻️ दिशा शूल-: पूर्व दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर अदरक और उड़द खाकर प्रस्थान करें
आज की ग्रह स्थिति -:
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🌷सूर्य -: कर्क राशि (राशि स्वामी चंद्र) पुष्य नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🛑मंगल -: वृष राशि (राशि स्वामी शुक्र) मृगशिरा नक्षत्र चरण 1में (नक्षत्र स्वामी मंगल)
🌱 बुद्ध -: मिथुन राशि (राशि स्वामी बुद्ध) पुनर्वसु नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
🌕गुरु (अस्त) -: कर्क राशि (राशि स्वामी चंद्र) पुष्य नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
💃 शुक्र -: शुक्र सिंह राशि (राशि स्वामी सूर्य)पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी शुक्र) रात्रि 1/13 से चरण 4 में
🌊 शनि-: मीन राशि (राशि स्वामी गुरु) रेवती नक्षत्र चरण 2 में( नक्षत्र स्वामी बुद्ध)
🎥 राहु-: कुंभ (राशि राशि स्वामी शनि)शतभिषा नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी राहु)
🛐केतु-: सिंह राशि( राशि स्वामी सूर्य) मघा नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी केतु)
🤬राहु काल -: प्रात: 9/00 से 10/30 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य प्रारंभ न करें
प्रात: 5/03 तक मिथुन
7/24 तक कर्क
दोपहर 9/42 तक सिंह
11/58 तक कन्या
2/16 तक तुला
सायं 4/35 तक वृश्चिक
6/40 तक धनु
8/23 तक मकर
9/51 तक मकर
11/14 तक कुम्भ