IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II


आलोक वाजपेयी (ज्योतिषाचार्य),
🕉️ महावीर विक्रम बजरंगी कुमति निवार सुमित के संगी
कंचन बरण विराज सुबेसा कानन कुंडल कुंचित केसा
अर्थात -:श्री हनुमान जी आप एक महान वीर और सबसे अधिक बलवान हैं। आपके अंग वज्र के समान मजबूत हैं। आपकी आराधना करके नकारात्मक बुद्धि और सोच का नाश होता है। सद्बुद्धि आती है। आप सुनहले रंग, सुन्दर वस्त्रों, कानों में कुण्डल और घुंघराले बालों से सुशोभित हैं।
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🙌🙌🙌 हर हर महादेव 🙌🙌🙌
🕉️ जय माता की 🙏🙏 🙏🙏🌱🌹
IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II
🕉️ श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏
🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹
विक्रम संवत 2083
संवत्सर नाम -: रौद्र
संवत्सर राजा-: गुरु
संवत्सर मंत्री-: मंगल
🌕सूर्य उत्तरायण, ऋतु-: वर्षा
सूर्य उदय : प्रातः 5/39
सूर्य अस्त : सायं 7/16
📺 आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि
अंग्रेजी दिनांक-: 18/7/2026
दिन-: शनिवार
🌕 चंद्रमा-: सिह राशि में रात्रि 11/59 तक उसके बाद कन्या राशि में
🥳राशि स्वामी-: सूर्य/बुद्ध
🌱 आज का नक्षत्र – पूर्वा फाल्गुनी सायं 6/01 बजे तक उसके बाद उत्तरा फाल्गुनी
💓 नक्षत्र स्वामी – : शुक्र/सूर्य
✨️ चंद्रमा का नक्षत्र चरणों में प्रवेश काल
प्रात: 6/18 से पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 3 में
दोपहर 12/09 से पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 4 में
सायं 6/01 से उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 1 में
रात्रि 11/59 से उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 2 में
आज का करण और योग आदि
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🪐 करण-: बव सायं 4/13 तक-: बव करण में जन्मे व्यक्ति आध्यात्मिक होते हैं और धार्मिक कार्यों में संलग्न रहना पसंद करते हैं। वे धर्मनिष्ठ होते हैं और उन्हें जो भी कार्य सौंपा जाता है, उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ देने में विश्वास रखते हैं।
उसके बाद कौलव-: कौलव करण में जन्मे व्यक्ति बहुत मिलनसार होते हैं। यह करण अपने लोगों को प्रेम और देखभाल जैसे कुछ बेहतरीन गुण प्रदान करता है।
🔥 योग-:वरियान रात्रि 8/46 तक-: वरीयान’ का अर्थ होता है – ‘श्रेष्ठ’, इसके देवता धन के देवता कुबेर हैं, शुभ कार्यो एवं धन प्राप्ति के लिये अत्यंत शुभ
🪴 आज के भद्रा, पंचक, त्यौहार आदि
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आज की शुभ दिशा -: दक्षिण, पश्चिम, दक्षिण – पश्चिम
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♻️ दिशा शूल-: पूर्व दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर अदरक और उड़द खाकर प्रस्थान करें
आज की ग्रह स्थिति -:
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🌷सूर्य -: कर्क राशि (राशि स्वामी चंद्र) पुनर्वसु नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
🛑मंगल -: वृष राशि (राशि स्वामी शुक्र) रोहिणी नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी चंद्र)
🌱 बुद्ध (वक्री) अस्त -: मिथुन राशि (राशि स्वामी बुद्ध) पुनर्वसु नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी गुरु) रात्रि 8/10 से चरण 1 में
🌕गुरु (अस्त) -: कर्क राशि (राशि स्वामी चंद्र) पुष्य नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
💃 शुक्र -: शुक्र सिंह राशि (राशि स्वामी सूर्य)पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी शुक्र)
🌊 शनि-: मीन राशि (राशि स्वामी गुरु) रेवती नक्षत्र चरण 2 में( नक्षत्र स्वामी बुद्ध)
🎥 राहु-: कुंभ (राशि राशि स्वामी शनि)शतभिषा नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी राहु)
🛐केतु-: सिंह राशि( राशि स्वामी सूर्य) मघा नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी केतु)
🤬राहु काल -: प्रात: 9/00 से 10/30 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य प्रारंभ न करें
प्रात: 5/30 तक मिथुन
7/51 तक कर्क
दोपहर 10/09 तक सिंह
12/25 तक कन्या
2/43 तक तुला
सायं 5/02 तक वृश्चिक
7/07 तक धनु
8/50 तक मकर
10/18 तक मकर
11/42 तक कुम्भ