चलती कार में गैंगरेप !
ललितपुर में 19 साल की छात्रा के साथ चलती कार में गैंगरेप की घटना सामने आई है। लड़की ने पुलिस को बताया कि मंगलवार शाम 6 बजे गांव के ही युवक ने उसे बात करने के बहाने बुलाया। इसके बाद कार में बैठाकर ले गया। गाड़ी में उसके दो साथी पहले से थे ।
तीनों करीब 5 घंटे तक उसे अलग-अलग रास्तों पर घुमाते रहे। युवकों ने रास्ते में उसे जबरन शराब पिलाई। इसके बाद दो युवकों ने उसके साथ गैंगरेप किया। तीनों आरोपी रात 11 बजे छात्रा को रेलवे स्टेशन पर छोड़कर भाग गए।
छात्रा ने किसी तरह घर वालों को फोन करके पूरी बात बताई। छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने दो नामजद समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें लगाई हैं। मामला सदर कोतवाली इलाके का है।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि मंगलवार शाम करीब 6 बजे वह घर के बाहर दुकान पर बैठी थी। तभी गांव का ही बादल राजा वहां पहुंचा। उसने कहा कि कुछ जरूरी बात करनी है। छात्रा ने बात पूछी तो आरोपी ने कार में बैठकर आराम से बताने को कहा। परिचित होने के कारण वह उसके साथ चली गई।
बादल राजा कार को हाईवे से बिरधा होते हुए जाखलौन कस्बे के आगे बंदरगुड़ा और पंप कैनाल मार्ग की ओर ले गया। इस बीच बादल राजा और उसके साथी सुरेंद्र सेन ने उसे जबरन शराब पिलाई और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान तीसरा युवक लगातार कार चलाता रहा।
पीड़िता के मुताबिक, तीनों आरोपी उसे शाम करीब 6 बजे घर से लेकर गए। वे करीब पांच घंटे तक अलग-अलग रास्तों पर घुमाते रहे। रात 11 बजे के बाद उसे घर से 15 किमी दूर ललितपुर रेलवे स्टेशन के पास छोड़कर फरार हो गए।
किसी तरह उसने अपने मोबाइल से बहन को फोन कर पूरी घटना बताई। इसके बाद रात करीब 12 बजे उसके माता-पिता रेलवे स्टेशन पहुंचे। उसे अपने साथ लेकर कोतवाली पहुंचे।
पीड़िता की मां ने बताया कि वह मंगलवार शाम ललितपुर से घर लौटीं तो बेटी घर पर नहीं दिखी। पड़ोसियों ने बताया कि गांव का रहने वाला बादल राजा उसे अपने साथ कार में ले गया है। देर रात 11 बजे के बाद बेटी का फोन उसकी बहन के मोबाइल पर आया, तब घटना की जानकारी मिली।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी बादल राजा का घर छात्रा के घर से करीब 300 मीटर की दूरी पर है। जबकि, दूसरा आरोपी सुरेंद्र सेन पास पांच किमी दूर एक गांव का रहने वाला है। दोनों आपस में दोस्त हैं। तीसरे आरोपी की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
सीओ सिटी अजय कुमार ने बताया- मामले में दो नामजद और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें लगाई गई हैं। लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
[8:12 am, 16/7/2026] Dr S. Srivastava: Kolkata…
बांग्लादेश की लेखिका तस्लीमा नसरीन की 20 साल बाद कोलकाता में वापसी की खबर से पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है। विपक्ष की दो पार्टियां टीएमसी और आईएसएफ इसके विरोध में उतर आई हैं। विपक्षी दलों ने तस्लीमा की कोलकाता वापसी को बीजेपी का चाल बताया है। तस्लीमा दो दशक बाद एक अगस्त को कोलकाता के रबींद्र सदन में होने वाले कट्टरपंथ-विरोधी कार्यक्रम में कविता पाठ करेंगी। आयोजक उस्मान गनी मलिक ने बताया कि सीएम शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें पर्याप्त सुरक्षा का भरोसा दिया है। इस आयोजन में खुद सीएम के साथ लेखक शीर्षेंदु मुखोपाध्याय और वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता शामिल होंगे।
मूल रूप से बांग्लादेश की तस्लीमा नसरीन 1990 के दशक की शुरुआत में धार्मिक कट्टरपंथ की आलोचना के लिए दुनिया भर में मशहूर हुई थीं। 1994 में उनकी किताब लज्जा प्रकाशित हुई, जिसमें उन्होंने बाबरी विध्वंस के बाद बांग्लादेश में हिंदु महिलाओं के साथ हुए घिनौने अत्याचार के बारे में लिखा। लज्जा प्रकाशित होते ही वह बांग्लादेश सरकार और मुस्लिम धार्मिक संगठनों के निशाने पर आ गईं। उनके खिलाफ कई फतवे जारी हुए और तस्लीमा ने बांग्लादेश छोड़कर यूरोप और अमेरिका में शरण ली। करीब एक दशक बाद 2004 में तस्लीमा नसरीन कोलकाता में बस गईं। उन्होंने हमेशा कोलकाता को अपना दूसरा घर बताया, मगर तीन साल बाद 2007 में वह फिर विवादों में घिर गईं।