ब्यूरो,
अगस्त में लॉन्च होगी सौमित्र विहार आवासीय योजना
लखनऊ।
उप्र आवास विकास परिषद की मोहनलागंज में न्यू जेल रोड पर सौमित्र विहार आवासीय योजना करीब दो वर्ष के इंतजार के बाद अगस्त में लॉन्च होने वाली है। रेरा में इसके पंजीकरण का प्रस्ताव भी भेज दिया गया है। यहां जमीन की कीमत करीब 2500 रुपये प्रति वर्गफीट रहेगी। पहले फेज में करीब 2200 भूखंडों का पंजीकरण खोला जाएगा। इससे करीब एक लाख लोगों को आवासीय सुविधा मिलेगी। आवास विकास बोर्ड ने भी इसकी सहमति दी है।
परिषद ने दो वर्ष पहले 560 एकड़ क्षेत्रफल वाली न्यू जेल रोड योजना पास की थी। इसे दो फेज में विकसित किया जाना है। योजना को पहले बीते वर्ष 13 जनवरी को महाकुंभ के अवसर पर लॉन्च किया जाना था, लेकिन जमीन के दाखिल खारिज का काम पूरा न हो पाने से योजना शुरू नहीं हो पाई। यह काम पूरा हो गया है। इसके लिए परिषद ने जिन किसानों से लैंड पूलिंग नीति के तहत जमीन ली थी, उन्हें भूखंड आवंटित कर दिए हैं।
अब योजना की राह में जमीन की कानूनी अड़चन नहीं बची है और योजना को लॉन्च करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। आवास विकास परिषद के सचिव नीरज शुक्ला ने बताया कि रेरा में पंजीकरण के लिए एक सप्ताह पहले आवेदन कर दिया गया है। यह प्रक्रिया 21 दिन में पूरी होती है। इस महीने रेरा पंजीकरण हो जाएगा। फिर अगस्त में पंजीकरण खोल दिया जाएगा।
एलडीए से सस्ती होगी यहां की जमीन
आवास विकास परिषद की इस योजना में जमीन एलडीए से सस्ती होगी, क्योंकि यहां जमीन लैंडपूलिंग के तहत भूस्वामियों से निशुल्क ली गई है। इस कारण जमीन खरीद पर जो पैसा परिषद को कर्ज लेकर लगाना पड़ता वह नहीं करना पड़ रहा है। निशुल्क जमीन के बदले परिषद को 25 प्रतिशत विकसित जमीन देनी है। ऐसे में योजना लॉन्च करने के लिए पैसा सिर्फ विकास कार्य पर खर्च करना पड़ रहा है। परिषद की इसी योजना के पास एलडीए की आईटी सिटी योजना है, जहां का प्रस्तावित रेट अभी चार हजार रुपये वर्गफीट बताया जा रहा है। इस योजना का पंजीकरण नहीं खुला है। यह योजना भी लैंडपूलिंग पर लाई जा रही है।
24 मीटर तक चौड़ी होंगी सड़कें
अभी तैयार लेआउट के तहत सौमित्र विहार योजना में कुल 15 सेक्टर होंगे। पहले चरण में सेक्टर 3ए और 3बी में भूखंड काटे जा रहे हैं। योजना में सड़कें वृंदावन योजना की तरह चौड़ी होंगी। ये नौ, 12, 18 और 24 मीटर तक चौड़ी होंगी। करीब 560 एकड़ में विकसित की जा रही इस योजना में तीन गांवों मोहारी कला, सिठौली कला और सिठौली खुर्द की जमीन ली गई है।
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एक नजर में योजना
0 आवासीय भूखंड : 2092
0 व्यावसायिक भूखंड : 169
0 भूखंड 40 से 300 वर्ग मीटर तक के होंगे।