IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II

IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II

Alok Vajpeyee (Jyotishachary),

🕉नमो वै ब्रह्मनिधये वासिष्ठाय नमो नमः।
अविकाराय शुद्धाय नित्याय परमात्मने॥
अर्थ: जो ज्ञान के भंडार हैं, जो विकार रहित, शुद्ध, नित्य और परमात्मा स्वरूप हैं, उन भगवान विष्णु को मेरा बारंबार नमस्कार है
🙏🙏🌱🌹
🙌🙌🙌 हर हर महादेव 🙌🙌🙌

🕉 जय माता की 🙏🙏 🙏🙏🌱🌹

IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II

🕉 श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏

🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹

विक्रम संवत 2083
संवत्सर नाम -: रौद्र
संवत्सर राजा-: गुरु
संवत्सर मंत्री-: मंगल
🌕सूर्य उत्तरायण, ऋतु-: वर्षा
सूर्य उदय : प्रातः 5/34
सूर्य अस्त : सायं 6/18
📺 आषाढ़ मास कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि

अंग्रेजी दिनांक-: 9/7/2026

दिन-: गुरुवार

🌕 चंद्रमा-: मेष राशि में
🥳राशि स्वामी-: मंगल

🌱 आज का नक्षत्र – अश्विनी दोपहर 2/56 तक उसके बाद भरणी

💓 नक्षत्र स्वामी – : केतु/शुक्र

✨️ चंद्रमा का नक्षत्र चरणों में प्रवेश काल

प्रात: 9/12 से अश्विनी चरण 4 में
दोपहर 2/56 से भरणी नक्षत्र चरण 1 में
रात्रि 8/31 से भरणी नक्षत्र चरण 2 में
रात्रि 2/05 से भरणी नक्षत्र चरण 3 में

आज का करण और योग आदि
*****************************
🪐 करण-: प्रात: 10/40 तक गर-: गर करण में जन्मे हुए लोग कर्तव्यनिष्ठ होते हैं। वे अपनी योग्यता में विश्वास रखते हैं, भाग्य में नहीं। वे कड़ी मेहनत और प्रयास से अपने इच्छित लक्ष्य को प्राप्त करते हैं।
उसके बाद विष्टी-: यह करण व्यक्ति पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, जिसके कारण जातक का स्वभाव अविश्वासी हो सकता है। वे अनैतिक कार्यों में लिप्त हो सकते हैं। विष्टि करण को भद्रा करण भी कहा जाता है और सभी शुभ कार्यों में इससे बचना चाहिए। हालांकि, विष्टि या भद्रा करण विनाशकारी कार्यों के लिए उपयुक्त है, जैसे शत्रु पर हमला करना, किसी की हत्या करना, जहर देना, अपहरण करना, तांडिव कृत्यों से नुकसान पहुंचाना आदि।

🔥 योग-: प्रात: 10/11 तक सुकर्मा योग-: यह योग नये करिअर या व्यावसाय प्रारंभ करने के लिये अति उत्तम है
उसके बाद धृति-: घर की नीव, गृह प्रवेश, भूमि पूजन, शिलान्यास आदि शुभ कार्यो के लिये अत्यंत उत्तम

 

🪴 आज के भद्रा, पंचक, त्यौहार आदि
*****************************
गन्डमूल दोपहर 2/56 तक

आज की शुभ दिशा -: उत्तर,पूर्व, पूर्व-उत्तर
***************

♻️ दिशा शूल-: दक्षिण दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर दही खाकर प्रस्थान करें

आज की ग्रह स्थिति -:
*****************
🌷सूर्य -: मिथुन राशि (राशि स्वामी बुद्ध) पुनर्वसु नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी गुरु) रात्रि 11/56 से चरण 2 में
🛑मंगल -: वृष राशि (राशि स्वामी शुक्र) रोहिणी नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी चंद्र) सायं 5/26 से चरण 2 में
🌱 बुद्ध (वक्री) अस्त -: मिथुन राशि (राशि स्वामी बुद्ध) पुनर्वसु नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
🌕गुरु -: कर्क राशि (राशि स्वामी चंद्र) पुष्य नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
💃 शुक्र -: शुक्र सिंह राशि (राशि स्वामी सूर्य)मघा नक्षत्र चरण 2में (नक्षत्र स्वामी केतु)
🌊 शनि-: मीन राशि (राशि स्वामी गुरु) रेवती नक्षत्र चरण 2 में( नक्षत्र स्वामी बुद्ध)
🎥 राहु-: कुंभ (राशि राशि स्वामी शनि)शतभिषा नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी राहु)
🛐केतु-: सिंह राशि( राशि स्वामी सूर्य) मघा नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी केतु)

🤬राहु काल -: दोपहर 1/30 से 3/00 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य प्रारंभ न करें
प्रात: 6/04 तक मिथुन
8/26 तक कर्क
दोपहर 10/44 तक सिंह
12/59 तक कन्या
3/18 तक तुला
सायं 5/37 तक वृश्चिक
7/41 तक धनु
9/33 तक मकर
10/52 तक मकर
12/16 तक कुम्भ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *