आलोक वर्मा संवाददाता जौनपुर।
लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: जानकीपुरम के अधिशासी अभियंता गौरव कुमार निलंबित, भ्रष्टाचार और अवैध बिजली कनेक्शन देने के गंभीर आरोप
लखनऊ। अलीगंज कोचिंग अग्निकांड में 15 से अधिक छात्र-छात्राओं की मौत के बाद शासन स्तर पर बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। जानकीपुरम के अधिशासी अभियंता गौरव कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, इस निलंबन के बाद विभाग के भीतर चल रहे गहरे भ्रष्टाचार और अधिकारियों की मिलीभगत को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
आरोप है कि अधिशासी अभियंता गौरव कुमार नियमों की अनदेखी करते हुए और कथित तौर पर भारी रिश्वत लेकर ऐसे व्यावसायिक संस्थानों को धड़ल्ले से बिजली कनेक्शन दे रहे थे, जिनके पास फायर एनओसी तक नहीं थी। जिस कोचिंग संस्थान में यह भीषण आग लगी, वहां भी बिना पुख्ता नियमों और सुरक्षा मानकों के बिजली का कनेक्शन जारी किया गया था। चर्चा है कि ऐसे खतरनाक व्यावसायिक परिसरों में वैध नियमों के बजाय सिर्फ और सिर्फ घूस का नियम काम कर रहा था।
गौरव कुमार पर अनियमितताओं के आरोप पहले भी लग चुके हैं। अलीगंज में सरकारी भवनों पर उन लोगों को बिजली कनेक्शन दे दिए गए, जिनके नाम पर कोई आवंटन या कनेक्शन जारी ही नहीं हुआ था। इस मामले के खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय में एक याचिका भी दायर की गई थी, जिसमें हाल ही में अदालत ने आदेश पारित किया था। उस मामले में एक सरकारी मकान पर ढाई लाख रुपये का बिजली बिल बकाया होने के बावजूद, नए व्यक्ति को बिना नया मीटर जारी किए ही कनेक्शन दे दिया गया था।
जानकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर उच्च न्यायालय के आदेश के बाद ही इस बात की गहन जांच कर ली गई होती कि अधिशासी अभियंता द्वारा कितने अवैध संस्थानों को नियमों के खिलाफ जाकर बिजली कनेक्शन बांटे गए हैं, तो शायद आज अलीगंज का यह भयावह हादसा ही न होता।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या ऐसे घूसखोर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रशासन किसी बड़े हादसे और मासूमों की मौत का इंतजार करता है? 15 छात्र-छात्राओं की जान जाने के बाद किया गया यह निलंबन महकमे की लचर व्यवस्था और देरी से जागने की आदत को साफ बयां करता है।