Alok Verma, Jaunpur Bueauro,
नए डीएम सैम्यूल पाल के आने के बाद प्रशासन में दिखी सख्ती
जौनपुर। नए जिलाधिकारी सैम्यूल पाल के कार्यभार संभालने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था में सख्ती और जवाबदेही का माहौल दिखाई देने लगा है। शुरुआती दिनों में ही उन्होंने विभागीय कार्यों की समीक्षा तेज की और लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत दिए। इसका असर यह हुआ कि कई विभागों में अधिकारी और कर्मचारी पहले की तुलना में अधिक सतर्क दिखाई देने लगे हैं।
हाल के दिनों में प्रशासनिक स्तर पर कर्मचारियों और अधिकारियों को नोटिस जारी किए जाने तथा कुछ मामलों में निलंबन की कार्रवाई भी चर्चा में रही। बताया जा रहा है कि अनुपस्थित रहने, कार्य में लापरवाही, फाइलों के लंबित रहने और जनशिकायतों के निस्तारण में देरी को लेकर संबंधित कर्मचारियों से जवाब मांगा गया। इससे प्रशासनिक अमले में यह संदेश गया कि अब कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी होगी।
राजस्व और तहसील प्रशासन पर विशेष फोकस दिखाई दे रहा है। निरीक्षण के दौरान अनियमितता मिलने पर संबंधित कर्मचारियों को चेतावनी और कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। कुछ मामलों में कार्रवाई होने से अन्य विभागों में भी अनुशासन का दबाव बढ़ा है।
सैम्यूल पाल की कार्यशैली में फील्ड विजिट और औचक निरीक्षण अहम माने जा रहे हैं। कलेक्ट्रेट, तहसील और अन्य सरकारी कार्यालयों की समीक्षा के दौरान उपस्थिति, कार्य निष्पादन और जनता की शिकायतों के निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया। इसका असर यह हुआ कि विभागीय कर्मचारियों में जवाबदेही की भावना बढ़ी है।
प्रशासनिक हलकों में यह माना जा रहा है कि नए डीएम की प्राथमिकता केवल बैठकों तक सीमित नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर व्यवस्था सुधारने की है। यही कारण है कि शुरुआती दौर में ही नोटिस, चेतावनी और निलंबन जैसी कार्रवाइयों ने प्रशासनिक व्यवस्था में “एक्शन मोड” का संदेश दिया है।
हालांकि प्रशासनिक विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी जिले में स्थायी सुधार के लिए केवल दंडात्मक कार्रवाई ही नहीं बल्कि निरंतर मॉनिटरिंग और पारदर्शिता भी जरूरी होती है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि यह सख्ती प्रशासनिक व्यवस्था में कितना स्थायी बदलाव ला पाती है।