आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,
जिलाधिकारी के तेवर से सहमे हुए हैं कर्मचारी
जौनपुर।जौनपुर में चार्ज संभालते ही जिलाधिकारी ने साफ कर दिया है कि अब सरकारी दफ्तरों में सिर्फ कुर्सी गर्म करने से काम नहीं चलेगा।
सदर तहसील में धारा-24 पैमाइश के 139 और पत्थरगड्डी के 84 मामले वर्षों से लंबित पड़े थे। जैसे ही मामला डीएम के संज्ञान में आया, राजस्व निरीक्षक पर निलंबन की कार्रवाई हो गई।
अब सवाल यह है कि आखिर जनता जिन फाइलों के लिए सालों तक चक्कर काटती रही… वो फाइलें किस “आरामगाह” में दबी थीं?
सूत्रों की मानें तो कई विभागों में लंबे समय से एक ही पटल पर जमे कर्मचारी अब बेचैन हैं। वजह साफ है इस बार सिर्फ हाजिरी नहीं, काम का हिसाब भी मांगा जा रहा है।
जनता को सिर्फ अफसरों की गाड़ी और लालबत्ती नहीं चाहिए जनता को जवाबदेह प्रशासन चाहिए।
और फिलहाल जौनपुर में उसकी शुरुआत होती दिख रही है।
वहीं वर्षों से “अंगद के पैर” की तरह एक ही सीट पर जमे कुछ कर्मचारियों को डर लग रहा है।