ब्यूरो,
कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी
मऊ की MP-MLA कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है।
1. मामला क्या है
साल: 2019 लोकसभा चुनाव
जगह: रतनपुरा बाजार, मऊ
आरोप: जनसभा में भाजपा कार्यकर्ताओं/नेताओं को गाली देने और “जूता मारने” की धमकी देना।
उस वक्त ओमप्रकाश राजभर सुभासपा अध्यक्ष थे और BJP से गठबंधन तोड़ चुके थे। मंच से BJP नेताओं पर तीखी टिप्पणी की थी।
2. कोर्ट ने क्या कहा
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट MP-MLA कोर्ट, मऊ डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह ने वारंट जारी किया।
वजह: केस में कई तारीखों से हाजिर नहीं हो रहे थे। कोर्ट ने पहले समन, फिर जमानती वारंट भेजा। हाजिर न होने पर अब गैर-जमानती वारंट NBW जारी हुआ।
3. NBW का मतलब
1. गिरफ्तारी का आदेश: पुलिस अब ओमप्रकाश राजभर को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर सकती है।
2. जमानत नहीं: थाने से जमानत नहीं मिलेगी। कोर्ट में सरेंडर करके ही जमानत अर्जी लगेगी।
3. आगे का रास्ता: राजभर हाईकोर्ट से NBW स्टे करा सकते हैं या सरेंडर करके जमानत ले सकते हैं।
4. धाराएं क्या लगी हैं
आमतौर पर ऐसे मामलों में IPC 500 मानहानि, 504 शांति भंग करने के इरादे से अपमान, 506 आपराधिक धमकी लगती है। ये सभी जमानती हैं, लेकिन कोर्ट में पेश न होने पर NBW जारी हो जाता है।
5. राजनीतिक मायने
2019 में राजभर BJP के खिलाफ थे। 2024 से फिर BJP-NDA सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। 7 साल पुराने केस में अब NBW जारी होना चर्चा में है। विपक्ष इसे “भाषा की मर्यादा” से जोड़ रहा है,समर्थक “राजनीतिक केस” बता रहे हैं।
बॉटम लाइन: कोर्ट में पेशी से लगातार गैरहाजिर रहने पर NBW जारी हुआ है। अब ओमप्रकाश राजभर को कोर्ट में सरेंडर करना होगा या हाईकोर्ट से राहत लेनी होगी। केस 2019 के चुनावी भाषण से जुड़ा है।