ब्यूरो,
मुसलमानों पर हमले व लिंचिंग की मानवाधिकार आयोग द्वारा अनदेखी क्यों ?: हाई कोर्ट
प्रयागराज. उच्च न्यायालय ने कहा कि आयोग मुसलमानों पर हमले और लिंचिंग की घटनाओं पर सत्य संज्ञा नहीं ले रहा है, जबकि ऐसे क्षेत्र में हस्तक्षेप कर रहा है जो प्रथम दृष्टिकोण उसके कार्य क्षेत्र से बाहर है !
कोर्ट ने यह भी कहा कि अराजक तत्व कानून अपने हाथ में ले रहे हैं और लोगों को परेशान कर रहे हैं खासकर अलग-अलग धर्म के लोगों के बीच रिश्तों को निशाना बनाया जा रहा है!
अब अलग धर्म के व्यक्ति के साथ सार्वजनिक जगह पर बैठकर काफी पीना भी डर पैदा करने वाला काम बन गया है !
इन मामलों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राज्य मानवाधिकार मानवाधिकार आयोग ने न कभी कोई संज्ञान नहीं लिया और न कोई कार्रवाई की
आयोग अपना समय उन कानूनी मामलों में बर्बाद कर रहा है जिन्हें हाई कोर्ट जनहित के जरिए आसानी से सुलझ सकता है !
: जस्टिस अतुल श्रीधरन, उच्च न्यायालय