स्मार्ट मीटर की तकनीकी खामियों से उपभोक्ता परेशान, बिलिंग पर उठ रहे सवाल

आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,

स्मार्ट मीटर की तकनीकी खामियों से उपभोक्ता परेशान, बिलिंग पर उठ रहे सवाल

जौनपुर। जिले में लगाए जा रहे प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी है। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा की नई कनेक्शन नीति के बाद 3-4 किलोवाट वाले उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

तकनीकी खामी मुख्य समस्या
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर में बैलेंस अपडेट होने में कई बार देरी होती है। रिचार्ज करने के बाद भी ऐप पर बैलेंस तुरंत नहीं दिखता। UPPCL के टोल-फ्री नंबर 1912 पर शिकायत करने पर समाधान में समय लग रहा है।

1 kW vs 3 kW की नीति पर सवाल
ऊर्जा विभाग के नए निर्देश के अनुसार 1 किलोवाट लोड वाले उपभोक्ताओं का कनेक्शन 30 दिन तक नहीं काटा जाएगा। 2 किलोवाट तक 200 रुपये की लिमिट है। पर 3-4 किलोवाट वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ऐसी कोई मोहलत नहीं है। बैलेंस निगेटिव होते ही आपूर्ति बंद हो जाती है।

स्थानीय निवासी बताते हैं कि आज एक फ्रिज, कूलर और मोटर के साथ 3 किलोवाट लोड सामान्य है। “मिडिल क्लास को राहत से बाहर रखना समझ से परे है,” एक उपभोक्ता ने कहा।

पिछली बिल सुधार योजना भी फ्लॉप रही
उपभोक्ताओं का कहना है कि कुछ दिनों पहले आई बिल सुधार राहत योजना भी इसीलिए फ्लॉप हो गई थी कि उसमें सिर्फ 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को ही लाभ दिया गया था। जबकि पूर्व में जो बिल सुधार राहत योजना आई थी, उसमें 4 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को लाभ दिया गया था। बार-बार 3-4 किलोवाट वाले मध्यमवर्गीय परिवारों को योजनाओं से बाहर रखने से नाराजगी बढ़ रही है।

विभाग का पक्ष
UPPCL के अधिकारियों के अनुसार स्मार्ट मीटर योजना केंद्र सरकार की RDSS स्कीम के तहत है। इसका उद्देश्य बिलिंग में पारदर्शिता लाना है। तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए पोर्टल पर शिकायत विकल्प दिया गया है। 5 SMS भेजने का नियम भी उपभोक्ता हित में बनाया गया है।

उपभोक्ताओं की मांग
1. रिचार्ज अपडेट की प्रक्रिया रियल टाइम हो।
2. 3-4 किलोवाट घरेलू उपभोक्ताओं को भी न्यूनतम 300-500 रुपये की क्रेडिट लिमिट मिले।
3. गलत बिलिंग की शिकायत का निस्तारण 72 घंटे में हो।
4. हेल्पलाइन पर कॉल वेटिंग टाइम कम किया जाए।
5. भविष्य की सभी राहत योजनाओं में 4 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को शामिल किया जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *