प्री पेड मीटर स्मार्ट मीटर, जनसमस्याओं को लेकर संघर्ष क्यों नहीं कर रहे हैं बीजेपी के कार्यकर्ता पदाधिकारी?
बीजेपी के कार्यकर्ता पदाधिकारी प्री पेड मीटर स्मार्ट मीटर, जनसमस्याओं को लेकर संघर्ष क्यों नहीं कर रहे हैं।
जोनपुर भाजपा के सभी पदाधिकारी मंत्री विधायक के पीछे पीछे क्यों घूम रहे हैं जनता की समस्या के लिए संघर्ष क्यों नहीं करते हैं दिन भर मंत्री विधायक के पीछे पीछे घूमते रहते हैं और शाम होते ही पार्टी करने लगते हैं ये सिस्टम भाजपा के स्थानीय नेतृत्व को ध्यान देना चाहिए।
पार्टी और सरकार के बीच एक छोटी लाइन होती है और उसका ध्यान रखना चाहिए।
कार्यकर्ताओं का असली काम जनता की आवाज़ बनना होता है, न कि केवल नेताओं के साथ फोटो खिंचवाना।
अगर जमीनी स्तर पर समस्याओं को नहीं उठाया जाएगा तो जनता का विश्वास कमजोर होगा।
प्रीपेड और स्मार्ट मीटर जैसे मुद्दों पर लोगों में असंतोष है, लेकिन उस पर खुलकर आवाज़ नहीं उठाई जा रही है।
स्थानीय पदाधिकारियों को चाहिए कि वे मोहल्लों और गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं समझें और समाधान के लिए दबाव बनाएं।
सिर्फ संगठन की बैठकें और औपचारिकताएं निभाने से काम नहीं चलेगा।
जनता यह देख रही है कि कौन उनके साथ खड़ा है और कौन सिर्फ पद का लाभ ले रहा है।
अगर कार्यकर्ता ही निष्क्रिय हो जाएंगे तो संगठन कमजोर हो जाएगा।
नेताओं के पीछे घूमने की बजाय जनता के बीच रहना ज्यादा जरूरी है।
वास्तविक राजनीति सेवा और संघर्ष से बनती है, दिखावे से नहीं।
स्थानीय नेतृत्व को इस पर गंभीरता से आत्ममंथन करना चाहिए और सुधार की दिशा में कदम उठाने चाहिए।