आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,
रामायण के टीजर पर मेरी प्रतिक्रिया…
आनंद कुमार सिंह कोलकाता
दोस्तों हनुमान जयंती के दिन रामायण का टीजर आ गया है. भारत की सबसे महंगी फिल्म के तौर पर इसे प्रचारित किया गया है. चार हजार करोड़ में इसके दो भागों का निर्माण हो रहा है.
बहुप्रतीक्षित इसके टीजर पर चर्चा करते हैं..
मेरी नजर में फिल्म में अभी बहुत काम होना बाकी है. टीजर कहीं लुभाती है तो कहीं निराश करती है.
लुभाने वाले दृश्यों में अधिकांश दृश्य रात वाले हैं..एक में जब श्रीराम, लक्ष्मण और सीता के साथ जा रहे हैं और उन्हें…राम…सुनायी देता है..संभवतः अपने पिता की पुकार.
इसके अलावा पुष्पक विमान वाला दृश्य बेहद प्रभावशाली है.
न लुभा पाने वाले दृश्यों की बात करते हैं..अब यह डर सताने लगा है कि फिल्म की सबसे बड़ी खूबी इसका सबसे बड़ा डिसएडवांटेज न बन जाये. यानी वीएफएक्स…और उसका अतिरिक्त इस्तेमाल. कुछ दृश्य पूरी तरह डिजीटली बने दिखायी देते हैं..रथ के पहिये वाले दृश्य का यहाँ विशेष तौर पर उल्लेख करना चाहता हूँ..
लेकिन मुझे यह भी पता है कि फिल्म में पोस्ट प्रोडक्शन में काफी काम होता है और डिजीटली फिल्म की काफी मरम्मत की जायेगी. जहाँ जहाँ दृश्य ब्लैंड या एस्थेटिकली हमें टच नहीं करते…उन्हें भी सुधारा जायेगा..
लुक्स की बात करें तो रणबीर..आज की पीढ़ी के श्रेष्ठ अभिनेताओँ में से हैं और अपनी भूमिका के साथ पूरा न्याय करेंगे..उनका लुक जो पहली बार रिवील होता है..अच्छा बन पड़ा है..
रावण के किरदार में यश को टीजर में दिखाया तो गया है लेकिन लुक रिवील नहीं किया गया..यह समझा जा सकता है कि मेकर इसे आने वाले दिनों में सामने लायेंगे..धीरे-धीरे..यही सीता और लक्ष्मण के लुक्स के साथ भी होगा.
फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा की कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी वीएफएक्स कंपनियों में से एक है… उनकी कंपनी के नाम वीएफएक्स के लिए आठ ऑस्कर हैं..इनमें इनसेप्शन जैसी फिल्में भी शामिल हैं..
अब बात करते हैं टीजर पर होने वाली आलोचनाओं..आदिपुरुष की यादों के साथ आशंका जताने वाले लोगों की.
रणबीर कपूर का लुक अरुण गोविल के सामने नहीं ठहरता..कबूल..लेकिन ऐसा क्यों है कभी सोचा है आपने. वह इसलिए क्योंकि हम सभी ने रामायण को करीब से रामानंद सागर के कालजयी धारावाहिक के जरिये अधिक जाना है. हमारे जेहन में राम के लुक के साथ अरुण गोविल की तस्वीर अंकित है.. लेकिन हमें यह समझना होगा कि आज की पीढ़ी रणबीर कपूर के साथ अधिक आडेंटिफाई करती है. अब जब बात आज की पीढ़ी की हो रही है तो सबसे जरूरी बात…
हम लोग यह समझ नहीं पाते कि आज की पीढ़ी रामायण को नहीं जानती. लॉकडाउन के वक्त भले ही दोबारा रामायण का प्रसारण हुआ हो…लेकिन कितने युवाओं ने इसे देखा होगा कहना मुश्किल है. आदिपुरुष फ्लॉप हो गयी..समझा जा सकता है कि अधिक लोगों ने नहीं देखा. यानी यह और भी जरूरी हो जाता है कि आज की पीढ़ी या आज के बच्चे हमारे आराध्य को हमारी संस्कृति को जानें..उसे पहचाने. इसके लिए आज के हीरो की जरूरत है. मार्वल की तरह उन्हें विजुअली आकर्षित करने वाले इफेक्ट्स की जरूरत है. आप उन्हें केवल मर्यादित डायलॉग और स्टोरी लाइन से नहीं लुभा पायेंगे. आज वीएफक्स भी जरूरी है और रणबीर कपूर भी जरूरी है.
रामायण के मेकर्स को यह ध्यान रखना होगा कि फिल्म में रामायण की आत्मा न मर जाये..उसका भाव न खत्म हो जाये..उसकी मूल आत्मा यथावत रहे..
प्रभु श्रीराम से यही प्रार्थना है कि फिल्म हिट हो..केवल इसलिए कि नयी पीढ़ी हमारी संस्कृति के साथ खुद को आइडेंटिफाई करे…