IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II

IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II

अलोक वाजपेयी (ज्योतिषाचार्य ),

🕉 उलंघ्यसिन्धों: सलिलं सलीलं य: शोकवह्नींजनकात्मजाया:। आदाय तेनैव ददाह लङ्कां नमामि तं प्राञ्जलिराञ्जनेयम्॥
अर्थ: मैं अंजनी के पुत्र को नमन करता हूं, जिसने समुद्र में छलांग लगा जनक की पुत्री के शोक रूपी अग्नि से लंका को जला दिया, मैं उन अंजनी पुत्र को नमस्कार करता हूं।
🙏🙏🌱🌹
🙌🙌🙌 हर हर महादेव 🙌🙌🙌🙌
🕉 जय माता की 🙏🙏

IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II

🕉 श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏
🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹

विक्रम संवत 2082
संवत्सर नाम -: सिद्धार्थी
संवत्सर राजा-: सूर्य
संवत्सर मंत्री-: सूर्य
🌕सूर्य उत्तरायण, ऋतु-: बसंत
सूर्य उदय : प्रातः 6/33
सूर्य अस्त : सायं 6/27
📺 चैत्र मास कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि

अंग्रेजी दिनांक-: 17/3/2026

दिन-: मंगलवार

🌕 चंद्रमा-: कुम्भ राशि में
🥳राशि स्वामी-: शनि

🌱 आज का नक्षत्र -: शतभिषा
💓 नक्षत्र स्वामी – : राहु

✨️ आज चंद्रमा का नक्षत्र प्रवेश-:
प्रात: 6/22 से शतभिषा चरण 1 में
दोपहर 12/19 से शतभिषा चरण 2 में
सायं 6/15 से शतभिषा नक्षत्र चरण 3 में
रात्रि 12/12 से शतभिषा नक्षत्र चरण 4 में

आज का करण और योग आदि
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🪐 करण-: प्रात: 9/23 तक वणिज उसके बाद वणिज

🔥 योग-: प्रात: 8/15 तक सिद्ध-: शुभ कार्य के लिये उपयुक्त है
उसके बाद साध्य-: शुभ कार्य के लिये उपयुक्त

🪴 आज के भद्रा, पंचक, त्यौहार आदि
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🪴-: मास शिवरात्रि व्रत,पंचक चल रहे हैं, वारुणि योग प्रात: 6/22 से 9/23 तक -:वारुणि योग (या वारुणी पर्व) चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को शतभिषा नक्षत्र के संयोग से बनने वाला एक अत्यंत दुर्लभ और पुण्यप्रद महायोग है। पुराणों के अनुसार, इस दिन गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान, दान और शिव पूजा करने से करोड़ों सूर्य ग्रहणों के समान फल मिलता है। यह योग पापों का नाश करने और सुख-समृद्धि प्रदान करने वाला माना जाता है।

आज की शुभ दिशा -: दक्षिण-पूर्व
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♻️ दिशा शूल-: उत्तर दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर गुड खाकर प्रस्थान करें

आज की ग्रह स्थिति -:
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🌷सूर्य -: मीन राशि (राशि स्वामी गुरु) पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में ( नक्षत्र स्वामी गुरु)

🛑मंगल (अस्त) -: कुम्भ राशि (राशि स्वामी शनि) शतभिषा नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वाम राहु)
🌱 बुद्ध (वक्री) -: कुम्भ राशि (राशि स्वामी शनि) पूर्व शतभिषा नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी राहु)
🌕गुरु -: मिथुन राशि (राशि स्वामी बुद्ध) पुनर्वसु नक्षत्र चरण 2 में ( नक्षत्र स्वामी गुरु)
💃 शुक्र -: शुक्र मीन राशि में (राशि स्वामी गुरु)रेवती नक्षत्र चरण 1 मे ( नक्षत्र स्वामी बुद्ध)
🌊 शनि-: मीन राशि (राशि स्वामी गुरु) उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🎥 राहु-: कुंभ (राशि राशि स्वामी शनि)शतभिषा नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी राहु)
🛐केतु-: सिंह राशि( राशि स्वामी सूर्य) पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी शुक्र)

🤬राहु काल -: दोपहर 3/00 से 4/30 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य प्रारंभ न करें
प्रात: 6/25 तक कुम्भ
8/49 तक मीन
9/25 तक मेष
11/20 तक वृष
दोपहर 1/34 तक मिथुन
सायं 3/55 तक कर्क
6/13 तक सिंह
रात्रि 8/28 तक कन्या
10/48 तक तुला
1/07 तक वृश्चिक
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Pandit Alok Bajpai
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🙌🙌🙌 जय जय श्री राधे 🙌🙌🙌🙌

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