आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,
डबल मर्डर: बेटे ने ही माता-पिता की हत्या कर शवों के टुकड़े कर नदी में फेके
जफराबाद (जौनपुर)। थाना जफराबाद क्षेत्र के अहमदपुर गांव में सामने आया दोहरा हत्याकांड पूरे जिले को झकझोर देने वाला है। श्यामबहादुर और उनकी पत्नी बबिता देवी की निर्मम हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उनके ही 36 वर्षीय पुत्र अम्बेश कुमार उर्फ रिंकू ने की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त औजारों और कार को बरामद कर लिया है।
पुलिस के अनुसार यह घटना 8 दिसम्बर 2025 की शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच हुई। पैसे और पारिवारिक विवाद को लेकर अम्बेश का अपनी मां से झगड़ा हुआ। मां द्वारा घर छोड़ने को कहने पर गुस्से में आकर उसने लोहे के खल-बट्टे की रॉड से मां के सिर पर हमला कर दिया। इसी दौरान पिता श्यामबहादुर पुलिस को फोन करने लगे, तो आरोपी ने उन पर भी उसी रॉड से वार किया और बाद में रस्सी से गला कसकर उनकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के इरादे से दोनों शवों को लोहे की आरी से तीन-तीन टुकड़ों में काटा। शवों के टुकड़ों को छह प्लास्टिक बोरियों में भरकर, खून व अन्य अवशेष अलग बोरी में रखकर अपनी स्विफ्ट डिजायर कार (UP62 BV 6304) से भोर में बेलाव पुल से गोमती नदी में फेंक दिया। घर और गाड़ी को सर्फ से धोकर साफ किया गया। बाद में घर में छूटे मां के कटे पैर को आरोपी ने जलालपुर ले जाकर सई नदी में फेंक दिया।
घटना के बाद आरोपी ने बहनों को गुमराह करते हुए बताया कि माता-पिता कहीं चले गए हैं। बहनों के दबाव और डर के चलते उसने मोबाइल बंद कर जौनपुर स्टेशन और वाराणसी के गंगा घाटों पर कई दिन बिताए। 15 दिसम्बर को घर लौटने पर बहनों से पूछताछ में उसने पूरी वारदात स्वीकार कर ली। इसके बाद दूसरी बहन अर्चना की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया।
सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर श्री गोल्डी गुप्ता के पर्यवेक्षण में थाना जफराबाद पुलिस ने 16 दिसम्बर 2025 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त खल-बट्टे की रॉड, रक्तरंजित आरी, लोढ़ा, कपड़े, मोबाइल फोन, कार से जुड़े साक्ष्य सहित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई।