आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,
उत्तर प्रदेश: ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट सेंटर्स पर खुला भ्रष्टाचार, प्राइवेट एजेंसियों पर 5-15 हजार की वसूली के आरोप
लखनऊ, 19 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस टेस्टिंग को प्राइवेट सेक्टर के हवाले करने के बाद पूरे प्रदेश में अवैध वसूली का सिलसिला तेज हो गया है। नोएडा समेत दर्जनों जिलों से शिकायतें उभर रही हैं, जहां टेस्ट पास कराने के नाम पर आवेदकों से 5,000 से 15,000 रुपये तक ऐंठे जा रहे हैं। 1 दिसंबर से शुरू नई स्वचालित व्यवस्था पारदर्शिता लाने का दावा करती थी, लेकिन हकीकत में यह भ्रष्टाचार का नया केंद्र बन गई है।
प्रदेशव्यापी घोटाले का नक्शा नोएडा में वायरल वीडियो दिखाते हैं कि प्राइवेट ट्रेनिंग सेंटर्स टेस्ट जानबूझकर कठिन बनाकर फेल करते हैं, फिर ‘सेटिंग’ के नाम पर पैसे मांगते हैं। लखनऊ, कानपुर जैसे जिलों में दलालों का राज चल रहा है, जिससे लाखों ड्राइवर बेरोजगार हो रहे हैं। परिवहन विभाग की चुप्पी से सड़क सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
सोशल मीडिया पर सैकड़ों वीडियो वायरल हैं, जहां प्राइवेट सेंटर्स पर जबरदस्ती वसूली हो रही है।
विभागीय कार्रवाई और समाधानपरिवहन विभाग ने जांच समिति गठित करने का ऐलान किया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई राहत नहीं है।