Bueauro,
स्कूल मर्जर को लेकर राज्य सरकार की हाईकोर्ट में किरकिरी
*मर्जर की सर्वे रिपोर्ट पेश नहीं किये जाने पर कोर्ट ने जतायी नाराजगी !*
*राज्य सरकार पर लग सकता है एक लाख का जुर्माना !*
Lucknow…
यूपी में प्राइमरी स्कूलों के मर्जर के निर्णय को लेकर हाइकोर्ट में राज्य सरकार की हुई किरकिरी !
बगैर सर्वे स्कूलों के मर्जर के निर्णय को लेकर हाईकोर्ट ने जतायी नाराजगी.
हाईकोर्ट ने इस मामले में सरकार से मांगा जवाब.
स्कूल मर्जर को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में शुक्रवार को भी सुनवाई होगी.
कल सरकार ने कोर्ट में पक्ष रखा था.
मर्जर को छात्रों के हित में बताया था.
संसाधन के बेहतर इस्तेमाल का किया दावा.
स्कूल मर्जर के खिलाफ कई बच्चों की तरफ से दायर याचिका पर सवाल करते हुए कोर्ट ने पूछा कि प्राइमरी स्कूलों के मर्जर का फैसला लेने से पहले क्या यूपी सरकार ने कोई सर्वे करवाया था ? यदि करवाया था तो उसकी रिपोर्ट पेश की जाए.
हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने यह आदेश गुरुवार को मर्जर के खिलाफ सीतापुर की कृष्णा कुमारी व 50 अन्य लोगों की ओर से दाखिल रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी. जस्टिस पंकज भाटिया की एकल पीठ ने कहा कि राज्य सरकार ओर से बहस के लिए पूरी तैयारी व तथ्यों के साथ पक्ष रखा जाए. कोर्ट ने चेताया कि यदि शुक्रवार को भी पूरी तैयारी व तथ्यों के साथ पक्ष नहीं रखा गया तो अदालत सरकार पर एक लाख रुपये का हर्जाना भी लगा सकती है. साथ ही यह भी साफ कि शुक्रवार को सुनवाई नहीं टलेगी. कोर्ट ने मामले की सुनवाई शुक्रवार तक के लिए मामला टाल दिया था.
यह याचिका बुधवार को सुनवाई के लिए कोर्ट के समक्ष पेश हुई थी, तब सरकारी वकीलों ने बहस के लिए समय मांगा था, तो कोर्ट ने सुनवाई गुरुवार तक के लिए टाल दी थी.
सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता अनुज कुदेशिया, मुख्य स्थायी अधिवक्ता एसके सिंह व संदीप दीक्षित पेश हुए.
उन्होंने कहा कि विलय का निर्णय इसलिए लिया गया है, क्योंकि कई स्कूलों में छात्रों की संख्या बहुत कम है और करीब 56 स्कूलों में तो कोई छात्र ही नहीं है. इस पर कोर्ट ने सर्वे करवाए जाने का सवाल किया. सर्वे रिपोर्ट न पेश किए जाने पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की…