IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थितिII
Alok Vajpeyee (Astrologer), 7th
दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलु| देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा ||
अर्थ: जो देवी अपने दोनों हाथों में जपमाला और कमंडलु धारण करती हैं, वह देवी ब्रह्मचारिणी मुझ पर कृपा करें। आप सर्वश्रेष्ठ और अद्वितीय हैं। यह मंत्र देवी ब्रह्मचारिणी की स्तुति है, जो संयम और तपस्या का प्रतीक हैं।
ध्यान मंत्र
वन्दे वांछित लाभायचन्द्रार्घकृतशेखराम्।
जपमालाकमण्डलु धराब्रह्मचारिणी शुभाम्॥
जय माता की
सभी को नव संवत्सर की हार्दिक शुभकामनायें ⚘️
IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थितिII
श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण
सब सुखी व स्वस्थ रहें
विक्रम संवत 2082
संवत्सर नाम -: सिद्धार्थी
संवत्सर राजा-: सूर्य
संवत्सर मंत्री-: सूर्य
सूर्य उत्तरायण, ऋतु-: वसंत
सूर्य उदय : प्रातः 6/19
सूर्य अस्त : सायं 6/34
चैत्र मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि प्रात: 9/12 तक तृतीया तिथि का क्षय
अंग्रेजी दिनांक-: 31/3/2025
दिन-: सोमवार
चंद्रमा-: मेष राशि में
राशि स्वामी-: मंगल
आज का नक्षत्र-: अश्विनी दोपहर 1/45 तक उसके बाद भरणी
नक्षत्र स्वामी – : केतु/शुक्र
️ चंद्रमा का नक्षत्र प्रवेश:
प्रात: 8/27 से अश्विनी नक्षत्र चरण 4 में
दोपहर 1/45 से भरणी नक्षत्र चरण 2 में
सायं 7/05 से भरणी नक्षत्र चरण 3 में
योग -: दोपहर 1/46 तक वैधृति -: ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, वैधृति योग एक अशुभ योग है. इस योग में यात्रा या कोई शुभ काम करना वर्जित माना जाता है. वैधृति योग सूर्य और चंद्रमा की युति से बनता है.
आज के मुख्य पर्व
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श्री मत्स्य जयंती -:भगवान विष्णु के पहले अवतार मत्स्य अवतार की जयंती, चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है. इस दिन भगवान विष्णु की मत्स्य अवतार में पूजा की जाती है.
मत्स्य जयंती के बारे में ज़रूरी बातें:
इस दिन भगवान विष्णु के मंदिरों में विशेष पूजा-पाठ होता है.
इस दिन मछलियों को खाना खिलाना शुभ माना जाता है.
इस दिन पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए.
इस दिन गरीबों, ज़रूरतमंदों, और ब्राह्मणों को सतनाजा का दान करना चाहिए.
इस दिन मंदिर में हरिवंशपुराण का दान करना चाहिए.
इस दिन ‘ॐ मत्स्यरूपाय नमः’ मंत्र का जाप करना चाहिए.
मत्स्य अवतार की कथा:
मान्यता है कि प्रलय से पहले सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था.
इस अवतार में भगवान ने वेदों की रक्षा की थी.
कश्यप और दिति के दैत्य पुत्र ने वेदों को समुद्र की गहराइयों में छिपा दिया था. तब भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लेकर उनसे युद्ध किया और वेदों को वापस ले लिया.
गण गौरी तृतीया -: यह पर्व मुख्य रूप से राजस्थान और मध्यप्रदेश में मनाया जाता हैपर्व है जो भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है.
विवाहित और अविवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र और सौभाग्य की कामना करती हैं.
गन्डमूल दोपहर 1/45 तक
आज की शुभ दिशा -: पश्चिम,दक्षिण, उत्तर -पश्चिम
दिशा शूल -: पूर्व दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर दर्पण देखकर या दूध पीकर प्रस्थान करें
आज की ग्रह स्थिति -:
सूर्य -: मीन राशि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी शनि) दोपहर 1/59 से रेवती नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी बुद्ध)
मंगल (वक्री) -: मिथुन राशि पुनर्वसु नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
बुद्ध (वक्री) -: मीन राशि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी शनि) रात्रि 8/48 से बुद्ध उदय
गुरु -: वृष राशि रोहिणी नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी चंद्र)
शुक्र (वक्री) -: मीन राशि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी शनि) रात्रि 4/47 से चरण 4 में
शनि -: मीन राशि पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी गुरू)
राहु-: मीन राशि पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
केतु-: कन्या राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी सूर्य)
राहु काल -: प्रात: 8/00 से 9/00 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य न करें
दैनिक लग्न सारणी -:
प्रात: 5/30 तक कुम्भ
6/54 तक मीन
8/30 तक मेष
10/25 तक वृष
दोपहर 12/40 तक मिथुन
2/59 तक कर्क
सायं 5/17 तक सिंह
7/33 तक कन्या
रात्रि 9/52 तक तुला
12/11 तक वृश्चिक
2/16 तक धनु
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जय जय श्री राधे