IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थितिII
सभी को गुरु पूरब की लाख लाख बधाईयाँ 
करमी आवै कपड़ा, नदरी मोखु दुआरू, नानक एवै जाणीऐ, सभु आपे सचिआरू, दाति करे दातारू.
अर्थ: अच्छे बुरे कर्मों से यह शरीर बदल जाता है, हमें मोक्ष नही मिलता है. मुक्ति तो केवल ईश्वर की कृपा से ही संभव है. हमें अपने समस्त भ्रमों का नाश करके ईश्वर तत्व के ज्ञान को प्राप्त करना चाहिये. हमें ईश्वर की सर्वशक्तिमान और सर्वव्यापी सत्ता में विश्वास रखना चाहिये.
सभी को गुरु पूरब की लाख लाख बधाईयाँ
IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थितिII
श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण
सब सुखी व स्वस्थ रहें
विक्रम संवत 2081
संवत्सर नाम -: कालयुक्त
संवत्सर राजा-: मंगल
संवत्सर मंत्री-: शनि
सूर्य दक्षिणायन, ऋतु-: हेमंत
सूर्य उदय : प्रातः 6/48
सूर्य अस्त : सायं 5/23
कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि चतुर्दशी तिथि का क्षय
अंग्रेजी दिनांक-: 15/11/2024
दिन-: शुक्रवार
चंद्रमा-: मेष राशि में
राशि स्वामी-: मंगल
आज का नक्षत्र-: भरणी रात्रि 9/55 तक उसके बाद कृत्तिका
नक्षत्र स्वामी – : शुक्र/सूर्य
️ चंद्रमा का नक्षत्र प्रवेश:
प्रात: 5/53 से भरणी नक्षत्र चरण 2 में
11/14 से भरणी नक्षत्र चरण 3 में
सायं 4/35 से भरणी नक्षत्र चरण 4 में
रात्रि 9/55 से कृत्तिका नक्षत्र चरण 1 में
योग -: प्रात: 7/30 तक व्याघात उसके बाद वरीयन
कार्तिक पूर्णिमा, गुरु नानक देव जयंती, भीष्म पंचक समाप्त, श्री सत्य नारायण व्रत, त्रिपुर उत्सव, सायं 7/53 बजे शनि मार्गी, रात्रि 9/55 से 2/59 तक पद्मक योग पद्मक योग, अतिविशिष्ट योगों में से एक है.
पद्मक योग में कार्तिक स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है
शुभ दिशा-: पूर्व, उत्तर, पूर्व-उत्तर
दिशा शूल -: पश्चिम दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर जौ खाकर और दूध पीकर प्रस्थान करें
आज की ग्रह स्थिति -:
सूर्य -: तुला चित्रा विशाखा नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
मंगल -: कर्क राशि पुष्य नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
बुद्ध (मार्गी,अस्त) -: वृश्चिक राशि ज्येष्ठा नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी बुद्ध)
गुरु वक्री -: वृष राशि मृगशिरा नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी मंगल)
शुक्र -: धनु राशि मूल नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी केतु) दोपहर 12/38 से चरण 4 में
शनि (वक्री)-: कुंभ राशि शतभिषा नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी राहु) सायं 7/53 से मार्गी
राहु-: मीन राशि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
केतु-: कन्या राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी सूर्य)
राहु काल -: प्रात: 10/45 से दोपहर 12/05 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य न करें
दैनिक लग्न सारणी -:
प्रात: 6/52 तक तुला
9/10 तक वृश्चिक
11/14 तक धनु
दोपहर 12/57 तक मकर
2/25 तक कुम्भ
3/49 तक मीन
सायं 5/25 तक मेष
7/20 तक वृष
रात्रि 9/34 तक मिथुन
11/55 तक कर्क
2/13 तक सिंह
4/29 तक कन्या
जय जय श्री राधे