ब्यूरो,

नई दिल्ली। CJI ने ममता सरकार से कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का मूल अधिकार लोगों की भावना का मोहताज नहीं है। मुट्ठी भर लोग पाबंदी को तय नहीं कर सकते।अगर किसी को फिल्म पसंद नहीं है तो वो न देखें,पर कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य का दायित्व है।राज्य सरकार का बैन ग़ैरवाजिब है