ब्यूरो,
बरेली में एक बार फिर पुलिस की दबंगई सामने आई है. बीते सात महीने से लापता बच्चे की बरामदगी के लिए सोमवार को बुजुर्ग दंपत्ति पुलिस ऑफिस पहुंचा तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बुजुर्ग दंपत्ति के साथ बदसलूकी की. बुजुर्ग को पुलिस जीप में बैठाकर थाने में बंद करा दिया. इसके बाद महिला एसएसपी ऑफिस में ही धरने पर बैठ गई, जिसको पुलिस ने समझाकर शांत कराया. वहीं पुलिस की बदसलूकी का वीडियो वायरल हो गया है.
कब हुआ था लापता
बुजुर्ग के साथ यूपी पुलिस ने बदसलूकी की, जो इस बुजुर्ग के जवान लड़के को सात महीने से आज तक बरामद नहीं कर सकी. लेकिन अपनी ताकत का इस्तेमाल इस बुजुर्ग के साथ जरूर किया. दरअसल, बिशारतगंज थाना क्षेत्र के अतरछेड़ी गांव के रहने वाले दिनेश कुमार का 22 वर्षीय बेटा शिवम 13 सितंबर 2021 को परीक्षा देने की बात कहकर घर से जयपुर जाने को निकला और फिर लौट कर नहीं आया. अगले दिन देर रात तक वापस न आने और मोबाइल फोन बंद होने के बाद परेशान परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. लाचार पिता बीते सात महीने से लगातार अपने बेटे को ढूंढ रहा है.
क्या है मामला
सोमवार को सात महीने के बाद जब वह अपनी पत्नी के साथ पुलिस आफिस पहुंचे तो पुलिस अफसरों से लापता बेटे की बरामदगी की गुहार लगाई. तो पुलिस अफसर और दंपत्ति के बीच नोकझोंक हो गई. उसी नौकझोक के बाद एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने पुलिस फोर्स बुलाकर बुजुर्ग के साथ बदसलूकी करते हुए उसे पुलिस जीप में जबरन बैठाकर थाने में बंद करा दिया. सात महीने से बुजुर्ग दंपत्ति थाने से लेकर पुलिस अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं. लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है.
क्या बोली पुलिस
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण का कहना है कि शिवम का अलीगढ़ की एक लड़की से प्रेम प्रसंग था उसी से बातचीत करते हुए वह अलीगढ़ गया. उसके बाद वापस घर नहीं लौटा है. पुलिस टीम कई बार संभावित स्थानों पर शिवम को चेक कर चुकी है. लेकिन उसके बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं हो पा रही है. अब शिवम के माता-पिता पुलिस पर दबाव बनाकर कुछ लोगों को जबरन जेल भिजवाना चाहते हैं. यही वजह वह बातचीत कम नोकझोंक करने की कोशिश करते हैं.