
अमेरिका के राज्य के सचिव माइक पोम्पिओ ने पाकिस्तान और चीन को उन आठ अन्य देशों में नामित किया है जहां धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन विशेष रूप से चिंता का विषय है। सोमवार को पोम्पियो ने एक बयान में म्यांमार, इरिट्रिया, ईरान, नाइजीरिया, उत्तर कोरिया, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के साथ पाकिस्तान और चीन को “धार्मिक स्वतंत्रता के के उल्लंघन” को सहने या बर्दाश्त करने वाले देशों की सूची में रखा।
विदेश विभाग ने कोमोरोस, क्यूबा, निकारागुआ और रूस को एक विशेष निगरानी सूची (एसडब्ल्यूएल) में रखा है जहां सरकारें “धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर उल्लंघन” को सहती हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता एक अधिकार है, और आधार है जिस पर मुक्त समाज निर्मित होकर फलते-फूलते हैं। पोम्पेओ ने कहा कि जो लोग इस आवश्यक स्वतंत्रता का प्रयोग करना चाहते हैं उनका बचाव करने के लिए एक बार फिर हम कार्रवाई करेंगे।साथ ही अमेरिका ने अल-शबाब, अल-कायदा, बोको हराम, हयात तहरीर अल-शाम, हौथिस, आईएसआईएस, आईएसआईएस-ग्रेटर सहारा, आईएसआईएस-पश्चिम अफ्रीका, जमात नस्र अल-इस्लाम वाल मुस्लिमिन और तालिबान को ‘विशेष चिंता’ के रूप में नामित किया। पोम्पेओ ने कहा कि सूडान और उज्बेकिस्तान को बीते साल उनकी संबंधित सरकारों द्वारा की गई महत्वपूर्ण सुधार के आधार पर विशेष निगरानी सूची से हटा दिया गया है। उनके कानूनों से लेकर उनके साहसी सुधार तक वह अन्य राष्ट्रों के लिए मॉडल के रूप में खड़े हैं।