Alok Verma, Jaunpur Bueauro,

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में सम्पन्न
जौनपुर। आज दिनांक 18-05-2026 को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद में आपदा न्यूनीकरण, डूबने की घटनाओं की रोकथाम, हीट वेव, अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, आंधी एवं वज्रपात से बचाव के संबंध में व्यापक समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद में डूबने से लगातार हो रही घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए नदी, तालाब एवं अन्य जलाशयों के आसपास व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। जिन स्थानों पर बच्चे स्नान करने के लिए पहुंचते हैं वहां डेंजर बोर्ड एवं रिफ्लेक्टर लगाए जाएं तथा साथ ही जागरूकता संबंधी पंपलेट/लीफलेट का वितरण भी कराया जाए।
उन्होंने कहा कि बच्चों को नदियों एवं गहरे जलाशयों में जाने से रोकने के लिए विद्यालयों एवं अभिभावकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि गर्मी के दृष्टिगत बच्चों को घर के भीतर सुरक्षित रखते हुए विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उन्हें व्यस्त रखने एवं जागरूक करने का कार्य किया जाए।
बैठक में लू, गर्मी, आंधी एवं वज्रपात से बचाव के उपायों के संबंध में भी जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि ओआरएस पैकेट का वितरण कराया जाए तथा हीट वेव से बचाव हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर तक आपदा से बचाव संबंधी जानकारी पहुंचाई जाए तथा ग्राम सभाओं एवं बैठकों में लोगों को जागरूक किया जाए।
जिलाधिकारी ने अग्नि सुरक्षा के दृष्टिगत सभी विद्यालयों में फायर इक्विपमेंट की जांच कराने के निर्देश दिए तथा प्रत्येक फ्लोर पर अग्निशमन उपकरण की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने विद्यालयों में मॉक ड्रिल आयोजित कराने एवं बच्चों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त रसोईयों को एलपीजी गैस से बचाव एवं सुरक्षित उपयोग के संबंध में जागरूक करने तथा विद्युत सुरक्षा से संबंधित सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने विद्यालयों के प्रबंधकों को निर्देशित किया कि सड़क सुरक्षा के संबंध में बच्चों को जागरूक किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी पंजीकृत नावों में लाइफ जैकेट एवं प्रशिक्षित नाविक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। नाविकों को अधिक से अधिक जागरूक करते हुए सुरक्षा मानकों का पालन कराया जाए, जिससे जनहानि की घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनजीवन से किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में इस प्रकार की घटना होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।