ब्यूरो,
राजधानी में बिजली के तार होंगे भूमिगत.
लखनऊ. 5000 करोड़ की लागत से होंगे भूमिगत.
2030 तक पूरा किया जाएगा पूरा प्रोजेक्ट.
मध्यांचल विद्युत निगम ने मांगी 3 दिन में पर.
पांच विधानसभा क्षेत्रों में हटेंगे खंभे और तार.
गोमतीनगर, हजरतगंज समेत कई इलाके होंगे कवर.
केंद्र सरकार की विशेष योजना से होगा पूरा खर्च.
शहर में बिजली व्यवस्था होगी और मजबूत.
आंधी-पानी में बिजली कटौती की समस्या होगी कम..