लखनऊ के तहसीलदार (सदर) का वेतन रोकने का आदेश: जौनपुर कोर्ट
जौनपुर कोर्ट का सख्त रुख: लखनऊ के तहसीलदार (सदर) का वेतन रोकने का आदेश
जौनपुर। अदालती आदेश की अवहेलना पर जौनपुर की एक अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए लखनऊ के तहसीलदार (सदर) का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। यह आदेश सड़क दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) के न्यायाधीश मनोज कुमार अग्रवाल ने जारी किया है। साथ ही इस संबंध में लखनऊ के जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
मामला महाराजगंज थाना क्षेत्र के कोल्हुआ निवासी हरिश्चंद्र निषाद (36) की सड़क दुर्घटना में हुई मौत से जुड़ा है। 20 अक्टूबर 2022 को ट्रैक्टर की चपेट में आने से उनकी मृत्यु हो गई थी। मृतक हरिश्चंद्र गुजरात में लेबर कॉन्ट्रैक्टर के रूप में कार्यरत थे।
घटना के बाद उनकी पत्नी निशा और बच्चों ने अधिवक्ता के माध्यम से ट्रैक्टर मालिक, चालक और मैग्मा एचडीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ क्षतिपूर्ति का दावा दायर किया था। सुनवाई और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने 25 जुलाई 2025 को ट्रैक्टर चालक की लापरवाही मानते हुए बीमा कंपनी को दो माह के भीतर 63.60 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि अदा करने का आदेश दिया था।
इसके बावजूद पीड़ित परिवार को राशि दिलाने के लिए जारी राजस्व वसूली प्रमाणपत्र (आरसी) पर तहसील प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं की गई। अदालत ने इसे आदेश की अवहेलना मानते हुए तहसीलदार (सदर), लखनऊ के खिलाफ वेतन रोकने का निर्देश जारी किया है।