IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II

🕉️ अव त्वं माम् । अव वक्तारम्। अव श्रोतारम्। अव दातारम्। अव धातारम्। अवानूचानमव शिष्यम्। अव पश्चात्तात्। अव पुरस्त्तात्। अवोत्तरात्तात् । अव दक्षिणात्तात्। अव चोर्ध्वात्तात्। अवाधरात्तात्। सर्वतो मां पाहि पाहि समंतात् ॥
अर्थ: हे पार्वती नंदन आप मेरी, मुझ शिष्य की रक्षा करो। वक्ता आचार्य की रक्षा करो। श्रोता की रक्षा करो। दाता की रक्षा करो। धाता की रक्षा करो। व्याख्या करने वाले आचार्य की रक्षा करो। शिष्य की रक्षा करो। पश्चिम से रक्षा। पूर्व से रक्षा करो। उत्तर से रक्षा करो। दक्षिण से रक्षा करो। ऊपर से रक्षा करो। नीचे से रक्षा करो। सब ओर से मेरी रक्षा करो। चारों ओर से मेरी रक्षा करो।
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🙌🙌🙌 हर हर महादेव 🙌🙌🙌🙌
🕉️ जय माता की 🙏🙏 🙏🙏🌱🌹
IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II
🕉️ श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏
🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹
विक्रम संवत 2083
संवत्सर नाम -: रौद्र
संवत्सर राजा-: गुरु
संवत्सर मंत्री-: मंगल
🌕सूर्य उत्तरायण, ऋतु-: बसंत
सूर्य उदय : प्रातः 5/41
सूर्य अस्त : सायं 6/55
📺 ज्येष्ठ (शुद्ध) मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि
अंग्रेजी दिनांक-: 5/5/2026
दिन-: मंगलवार
🌕 चंद्रमा-: वृश्चिक राशि में दोपहर 12/55 तक उसके बाद धनु राशि में
🥳राशि स्वामी-: मंगल/गुरु
🌱 आज का नक्षत्र -: ज्येष्ठा दोपहर 12/55 तक उसके बाद मूल
💓 नक्षत्र स्वामी – : बुद्ध/केतु
✨️ आज चंद्रमा का नक्षत्र प्रवेश-:
प्रात: 6/11 से ज्येष्ठा नक्षत्र चरण 4 में
दोपहर 12/55 से मूल नक्षत्र चरण 1 में
रात्रि 7/40 से मूल नक्षत्र चरण 2 में
रात्रि 2/24 से मूल नक्षत्र चरण 3 में
आज का करण और योग आदि
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🪐 करण-: सायं 6/41 तक बव उसके बाद विष्टी
🔥 योग-: शिव-: अत्यंत शुभ योग, पुरानी समस्याओं के समाधान का योग
🪴 आज के भद्रा, पंचक, त्यौहार आदि
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गन्डमूल, मंगलवारी संकष्टी/अंगारक चतुर्थी -: आज के दिन गणपति की आराधना से सारे असहनीय कष्ट दूर होते हैं
आज की शुभ दिशा -: दक्षिण-पूर्व
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♻️ दिशा शूल-: उत्तर दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर गुड खाकर प्रस्थान करें
आज की ग्रह स्थिति -:
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🌷सूर्य -: मेष राशि (राशि स्वामी मंगल) भरणी नक्षत्र चरण 3 में, (नक्षत्र स्वामी शुक्र)
🛑मंगल -: मीन राशि (राशि स्वामी गुरु) रेवती नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी बुद्ध)
🌱 बुद्ध -: मेष राशि अश्विनी नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी केतु) दोपहर 12/12 से चरण 4 में
🌕गुरु -: मिथुन राशि (राशि स्वामी बुद्ध) पुनर्वसु नक्षत्र चरण 2 में ( नक्षत्र स्वामी गुरु)
💃 शुक्र -: शुक्र वृष राशि में (राशि स्वामी शुक्र) रोहिणी नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी चंद्र) रात्रि 3/24 से चरण 4 में
🌊 शनि-: मीन राशि (राशि स्वामी गुरु) उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🎥 राहु-: कुंभ (राशि राशि स्वामी शनि)शतभिषा नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी राहु)
🛐केतु-: सिंह राशि( राशि स्वामी सूर्य) मघा नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी केतु)
🤬राहु काल -: दोपहर 3/00 से 4/30 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य प्रारंभ न करें
प्रात: 6/12 तक मेष
8/07 तक वृष
10/21 तक मिथुन
दोपहर 12/42 तक कर्क
2/59 तक सिंह
5/16 तक कन्या
7/34 तक तुला
रात्रि 9/53 तक वृश्चिक
11/57 तक धनु
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Pandit Alok Bajpai
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🙌🙌🙌 जय जय श्री राधे 🙌🙌🙌🙌