IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II



🕉 खड्गं चक्र-गदेषु-चाप-परिघाञ्छूलं भुशुण्डीं शिर:,
शंखं सन्दधतीं करैस्त्रिनयनां सर्वाङ्गभूषावृताम्।
नीलाश्म-द्युतिमास्य-पाददशकां सेवे महाकालिकां,
यामस्तौत्स्वपिते हरौ कमलजो हन्तुं मधुं कैटभम्॥
अर्थात-: वे अपने दसों हाथों में खड्ग (तलवार), चक्र, गदा, बाण, धनुष, परिघ (लोहे का डंडा), शूल (त्रिशूल), भुशुण्डी, मस्तक और शंख धारण करती हैं। वे तीन नेत्रों वाली हैं, संपूर्ण अंगों में आभूषण धारण किए हुए हैं, और नीलमणि के समान चमकती हैं। मैं दस मुख और दस पैरों वाली उन महाकाली की सेवा (स्तुति) करता हूँ, जिन्होंने भगवान विष्णु के सोने पर मधु और कैटभ नामक दैत्यों का नाश करने के लिए ब्रह्मा जी द्वारा स्तुति की गई थी।
🙏🙏🌱🌹
🙌🙌🙌 हर हर महादेव 🙌🙌🙌🙌
🕉 जय माता की 🙏🙏
सभी को नव संवत्सर 2083 की हार्दिक शुभकामनायें 🙏🙏🌱🌹
IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II
🕉 श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏
🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹
विक्रम संवत 2083
संवत्सर नाम -: रौद्र
संवत्सर राजा-: गुरु
संवत्सर मंत्री-: मंगल
🌕सूर्य उत्तरायण, ऋतु-: बसंत
सूर्य उदय : प्रातः 6/30
सूर्य अस्त : सायं 6/28
📺 चैत्र मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि , चैत्र मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का क्षय
अंग्रेजी दिनांक-: 19/3/2026
दिन-: गुरुवार
🌕 चंद्रमा-: मीन राशि में
🥳राशि स्वामी-: गुरु
🌱 आज का नक्षत्र -: उत्तर भाद्रपद
💓 नक्षत्र स्वामी – : शनि
✨️ आज चंद्रमा का नक्षत्र प्रवेश-:
प्रात: 5/21 से उत्तर भाद्रपद चरण 1 में
11/02 से उत्तर भाद्रपद चरण 2 में
सायं 4/43 से उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 3 में
रात्रि 10/54 से उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में
आज का करण और योग आदि
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🪐 करण-: प्रात: 6/53 से किन्स्तुघ्न
🔥 योग-: शुक्ल -: शुभ कार्य के लिये उपयुक्त है
🪴 आज के भद्रा, पंचक, त्यौहार आदि
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🪴-: पंचक चल रहे हैं, पितृ अमावस्या प्रात: 6/53 तक, विक्रम संवत 2082 पूर्ण, प्रतिपदा तिथि का क्षय 2083 विक्रम संवत प्रारंभ, रौद्र नामक संवत्सर प्रारंभ, वासंत चैत्र नवरात्र प्रारंभ, घट स्थापन, गुड़ी पाडवा
आज की शुभ दिशा -: उत्तर,पूर्व, पूर्व – उत्तर
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♻️ दिशा शूल-: दक्षिण दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर दही खाकर प्रस्थान करें
आज की ग्रह स्थिति -:
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🌷सूर्य -: मीन राशि (राशि स्वामी गुरु) उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 1 में ( नक्षत्र स्वामी शनि)
🛑मंगल (अस्त) -: कुम्भ राशि (राशि स्वामी शनि) शतभिषा नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वाम राहु)
🌱 बुद्ध (वक्री) -: कुम्भ राशि (राशि स्वामी शनि) पूर्व शतभिषा नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी राहु)
🌕गुरु -: मिथुन राशि (राशि स्वामी बुद्ध) पुनर्वसु नक्षत्र चरण 2 में ( नक्षत्र स्वामी गुरु)
💃 शुक्र -: शुक्र मीन राशि में (राशि स्वामी गुरु)रेवती नक्षत्र चरण 1 मे ( नक्षत्र स्वामी बुद्ध)
🌊 शनि-: मीन राशि (राशि स्वामी गुरु) उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🎥 राहु-: कुंभ (राशि राशि स्वामी शनि)शतभिषा नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी राहु)
🛐केतु-: सिंह राशि( राशि स्वामी सूर्य) पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी शुक्र)
🤬राहु काल -: दोपहर 1/30 से 3/00 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य प्रारंभ न करें
प्रात: 6/17 तक कुम्भ
8/39 तक मीन
9/17 तक मेष
11/12 तक वृष
दोपहर 1/26 तक मिथुन
सायं 3/47 तक कर्क
6/05 तक सिंह
रात्रि 8/20 तक कन्या
10/40 तक तुला
12/59 तक वृश्चिक
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Pandit Alok Bajpai
9873568111
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🙌🙌🙌 जय जय श्री राधे 🙌🙌🙌🙌