क्या कोई व्यक्ति किसी प्रशासनिक पद/ संवैधानिक पद पर रहते हुए वकालत कर सकता है?

ब्यूरो,

क्या कोई व्यक्ति किसी प्रशासनिक पद/ संवैधानिक पद पर रहते हुए वकालत कर सकता है?

 

श्रीमती मामता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने मुख्यमंत्री की पद पर रहते हुए। कैसे कोर्ट में बहस करने की अनुमति दी। क्या कोई व्यक्ति किसी प्रशासनिक पद/ संवैधानिक पद पर रहते हुए वकालत कर सकता है? क्या सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस किसी आम ब्यक्ति या महिला को अपनी परेशानी को कोर्ट में रखने की अनुमति इसी तरह देंगे ? क्या सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को इस प्रकार की विशेष अनुमानित को ओहदेदार लोगों को देने में कोई गलती महसूस नहीं हो रही है। आम जनता को यह आभास हो रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस भी होहदा और पदवी देखकर कार्य कर रहे हैं। चीफ जस्टिस ने एक बार भी नहीं कहा कि जो भी आप कहना चाहती हैं अपने वकील को लिखकर दे दीजिए वो पढ़कर मुझे सुना देंगे। आप तभी कुछ कोर्ट में कह सकती हैं जब मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देकर बात करने आएंगी।
आज सुप्रीम कोर्ट ने फिर अपने न्याय से मीलों दूर होने की प्रबत्ती को जगजाहिर कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को क्या नहीं लगता कि आज की उनकी कार्यवाई गलत व राजनीतिक पूर्ण थी?
सीनियर सिटिजन
विजय कुमार
77 वर्ष आयु🌷🙏🌷

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