IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II

IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II

आलोक वाजपेयी (ज्योतिषाचार्य),

🕉 सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्तिप्रदायिनि । मन्त्रपूते सदा देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ॥

अर्थात – सिद्धि, बुद्धि, भोग और मोक्ष देने वाली हे भगवती महालक्ष्मी ! तुम्हें सदा प्रणाम है।
🙏🙏🌱🌹
🙌🙌🙌 जय सिया राम 🙌🙌🙌🙌
🕉 जय माता की 🙏🙏

IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II

🕉 श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏
🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹

विक्रम संवत 2082
संवत्सर नाम -: सिद्धार्थी
संवत्सर राजा-: सूर्य
संवत्सर मंत्री-: सूर्य
🌕सूर्य दक्षिणायण, ऋतु-: शरद
सूर्य उदय : प्रातः 7/09
सूर्य अस्त : सायं 5/21
📺 पौष मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि

अंग्रेजी दिनांक-: 12/12/2025

दिन-: शुक्रवार

🌕 चंद्रमा-: प्रात: 10/21 तक सिंह राशि में उसके बाद कन्या राशि में
🥳राशि स्वामी-: सूर्य

🌱 आज का नक्षत्र -: उत्तरा फाल्गुनी
💓 नक्षत्र स्वामी – : सूर्य

✨️ आज चंद्रमा का नक्षत्र प्रवेश-:
प्रात: 10/21 से उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 2 में
सायं 4/53 से उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 3 में
रात्रि 11/11 से उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 4 में

आज का करण और योग आदि
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🪐 करण-: दोपहर 1/58 तक बव उसके बाद कौलव

🔥 योग-: प्रात: 11/11 बजे तक प्रीति: यह एक शुभ योग है
उसके बाद आयुष्मान-: यह भी एक शुभ योग है

आज के मुख्य पर्व/भद्रा/पंचक/गन्डमूल आदि
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🪴- : रुक्मिणी अष्टमी-: यह दिन देवी रुक्मिणी और भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन व्रत रखने से और विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है।
अष्टका श्राद्ध -: एक प्राचीन वैदिक अनुष्ठान है जो पितरों की तृप्ति के लिए किया जाता है, विशेषकर माघ मास की पूर्णिमा के बाद अष्टमी (या कृष्ण पक्ष की सप्तमी, अष्टमी, नवमी) को, जिसमें होम, ब्राह्मण भोजन और अन्वष्टका नामक कृत्य शामिल होते हैं, जिसका उद्देश्य पितरों को बल प्रदान करना और उनके मार्ग के अवरोध दूर करना होता है। यह श्राद्ध पुत्रों और पत्नियों के कल्याण के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

आज की शुभ दिशा -: उत्तर,पूर्व,पूर्व-उत्तर
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♻️ दिशा शूल-: पश्चिम दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर जौ खाकर प्रस्थान करें

आज की ग्रह स्थिति -:
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🌷सूर्य -: वृश्चिक राशि (राशि स्वामी मंगल) ज्येष्ठा नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी बुद्ध ) रात्रि 9/40 से चरण 4 में

🛑मंगल (अस्त) -: धनु राशि (राशि स्वामी गुरु)मूल नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी केतु ) प्रात: 7/02 से चरण 2 में
🌱 बुद्ध -: वृश्चिक राशि (राशि स्वामी मंगल) अनुराधा नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी शनि) रात्रि 9/10 से चरण 2 में
🌕गुरु (वक्री) -: मिथुन राशि (राशि स्वामी बुद्ध) पुनर्वसु नक्षत्र चरण 3 में ( नक्षत्र स्वामी गुरु)
💃 शुक्र -: वृश्चिक राशि (राशि स्वामी मंगल) ज्येष्ठा नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी बुद्ध ) प्रात: 9/03 से चरण 2 में, रात्रि 2/10 से अस्त

🌊 शनि-: मीन राशि (राशि स्वामी गुरु)पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में ( नक्षत्र स्वामी गुरु)
🎥 राहु-: कुंभ (राशि राशि स्वामी शनि)शतभिषा नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी राहु)
🛐केतु-: सिंह राशि( राशि स्वामी सूर्य) पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी शुक्र)

🤬राहु काल -: प्रात: 10/30 से दोपहर 12/00 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य न करें

दैनिक लग्न सारणी -:
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प्रात-: 7/25 तक वृश्चिक
9/29 तक धनु
11/12 तक मकर
दोपहर 12/40 तक कुम्भ
2/04 तक मीन
सायं 3/40 तक मेष
5/35 तक वृष
रात्रि 7/49 तक मिथुन
10/10 तक कर्क
12/28 तक सिंह
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Pandit Alok Bajpai
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🙌🙌🙌 जय जय श्री राधे 🙌🙌🙌🙌

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