महादेव बेटिंग ऐप कांड: तीन हाई-प्रोफाइल इस्तीफों के बाद सवाल तेज़, पर जांच एजेंसियों की चुप्पी बरकरार

Alok Verma, Jaunpur Bueauro,

महादेव बेटिंग ऐप कांड: तीन हाई-प्रोफाइल इस्तीफों के बाद सवाल तेज़, पर जांच एजेंसियों की चुप्पी बरकरार

महादेव ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क की जांच लंबे समय से चल रही है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में तीन बड़े नामों के अचानक सुर्खियों में आने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज़ है कि प्रसार भारती के चेयरमैन नवनीत कुमार सहगल, लॉ कमीशन सदस्य हितेश जैन और PMO से जुड़े अधिकारी हिरेन जोशी का नाम इस कांड से जुड़ रहा है। हालांकि अब तक किसी भी सरकारी एजेंसी ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।

महादेव ऑनलाइन बुकिंग नेटवर्क दुबई से संचालित एक अनियमित सट्टेबाजी सिंडिकेट है, जिसके संचालक सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल बताए जाते हैं। ED और CBI ने हवाला लेन-देन, फर्जी खातों और बहुस्तरीय नेटवर्क के कई हिस्सों का खुलासा किया है। आर्थिक अपराध से जुड़े तथ्य पूरी तरह आधिकारिक हैं, लेकिन हालिया तीन घटनाओं पर कोई औपचारिक टिप्पणी उपलब्ध नहीं है।

2 दिसंबर को प्रसार भारती के चेयरमैन नवनीत सहगल का अचानक इस्तीफा आया। मंत्रालय ने इस्तीफा स्वीकार किया, पर कोई कारण सार्वजनिक नहीं किया गया। लॉ कमीशन के सदस्य हितेश जैन ने भी अक्टूबर में पद छोड़ा, जिससे अटकलें बढ़ीं। वहीं सोशल मीडिया पर PMO अधिकारी हिरेन जोशी का नाम जोर से उछला, लेकिन वायरल दस्तावेज़ों की सत्यता की पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही किसी जांच एजेंसी ने उनका नाम किसी आधिकारिक नोट या कार्रवाई में दर्ज किया है।

विपक्ष ने इस मामले में पारदर्शिता की मांग की है और PMO सहित सभी संस्थाओं से स्थिति स्पष्ट करने की अपील की है। दूसरी ओर मुख्यधारा मीडिया ने अब तक इस विषय पर सीमित रिपोर्टिंग की है, जिससे सवाल और बढ़ गए हैं।

कुल मिलाकर, महादेव ऐप कांड में जांच की कार्रवाई जारी है, लेकिन तीनों इस्तीफों और दावों के बीच कोई आधिकारिक कड़ी अब तक सामने नहीं आई है। जब तक एजेंसियाँ स्पष्ट जानकारी नहीं देतीं, तब तक इन संबंधों को केवल अनुमानों की श्रेणी में ही देखा जा सकता है।

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