Alok Verma, Jaunpur Bueauro,
जौनपुर में कफ सिरप जांच की रफ्तार तेज, सरकार सख्त, सीबीआई जांच की मांग भी तेज
जौनपुर के कफ सिरप प्रकरण ने प्रदेश स्तर पर बड़ी हलचल पैदा की है। मामला सामने आने के बाद से लखनऊ, जौनपुर और बनारस तीनों स्तरों पर जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। शुरुआती जांच में यह संकेत मिला कि निर्यात के लिए तैयार कफ सिरप की क्वालिटी को लेकर बड़ी लापरवाही हुई और सैंपलिंग प्रक्रिया में भारी गड़बड़ियां छिपाने की कोशिश की गई।
जौनपुर में स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ का सिलसिला जारी है। जिस बैच को लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ, उसके परीक्षण दस्तावेजों में कई विसंगतियां मिलने की बात जांच टीमों तक पहुंच चुकी है। यह भी सामने आया कि कुछ अधिकारियों ने कागजों में तारीखें बदलकर फाइलों को सही दिखाने की कोशिश की।
वाराणसी में चल रही जांच में भी कई स्तरों पर रिपोर्ट तलब की गई हैं। केंद्रीय लैब से प्राप्त तकनीकी रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके आधार पर सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है। लखनऊ स्तर पर भी वरिष्ठ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस पूरे मामले की डिटेल रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
सरकार की ओर से साफ संकेत है कि क्वालिटी से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। कफ सिरप मामला सार्वजनिक स्वास्थ्य और प्रदेश की छवि से जुड़ा मुद्दा है। यही वजह है कि पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री कार्यालय भी लगातार निगरानी रखे हुए है।
इसी बीच, पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग उठा दी है। उनका कहना है कि कफ सिरप कांड सिर्फ विभागीय लापरवाही नहीं बल्कि एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, इसलिए इसकी जांच किसी स्वतंत्र और उच्च स्तरीय एजेंसी को करनी चाहिए ताकि सत्य सामने आ सके और दोषी बच न सकें।
जौनपुर जिले के संदर्भ में यह पूरा मुद्दा अब जनचर्चा का केंद्र बन चुका है। जनता यह जानना चाहती है कि किस स्तर पर चूक हुई, किसने क्या जिम्मेदारी निभाई और कौन लोग इस पूरे मामले में मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी पारदर्शिता से होगी और दोषियों पर कार्रवाई से कोई भी नहीं बचेगा।
लखनऊ से लेकर जौनपुर और बनारस तक की संयुक्त कार्रवाई यह संकेत दे रही है कि मामला जल्द ही अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगा। सरकारी एजेंसियों का रुख स्पष्ट है कि किसी भी कीमत पर प्रदेश की साख को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।