Alok Verma, Jaunpur Bueauro,


संख्याओं से कविता तक: शुभम श्रीवास्तव की अद्भुत साहित्यिक यात्रा
प्रयागराज में जन्मे साहित्यकार शुभम श्रीवास्तव ने बुद्धि और रचनात्मकता के असाधारण संगम से आधुनिक साहित्य की परिभाषा बदल दी है। 1994 में जन्मे और वर्तमान में नोएडा में निवासरत शुभम ने महज़ 17 वर्ष की आयु में लेखन यात्रा आरंभ की और शिक्षा पूर्ण करने के बाद इसे अपने पूर्णकालिक पेशे के रूप में अपनाया। गणित की गहराई और शतरंज की रणनीतिक दृष्टि उनके काव्य संरचनाओं में स्पष्ट झलकती है। 280 से अधिक विश्व रिकॉर्ड्स के साथ जिनमें “विश्व की सबसे लघु कथा” और “विश्व की प्रथम कविता मैट्रिक्स” शामिल हैं| शुभम आज साहित्य में नवाचार का प्रतीक बन चुके हैं। उनकी रचनाएँ तार्किक सोच और भावनात्मक अभिव्यक्ति का अद्भुत संगम हैं, जो पाठकों को साहित्य के नए आयामों से परिचित कराती हैं। भारत को उनके इस योगदान पर गर्व है, और समस्त कायस्थ समाज उनके इस अद्वितीय उत्कर्ष पर हर्ष और गौरव का अनुभव कर रहा है।