आलोक वर्मा, जौनपुरब्यूरो,

प्रिया सरोज के अनुरोध पर आवास सर्वेक्षण की समय सीमा बढ़ाई गई
पत्र लिखकर ग्रामीण विकास मंत्री और और सचिव से किया था अनुरोध
जौनपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत चल रहे Awaas+ 2024 सर्वेक्षण की समय सीमा अब बढ़ा दी गई है। यह निर्णय मछलीशहर की सांसद प्रिया सरोज के अनुरोध पर लिया गया है। उन्होंने ग्रामीण विकास मंत्री एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव को पत्र लिखकर सर्वेक्षण की अवधि बढ़ाने की मांग की थी, ताकि छूटे हुए पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिल सके।
ग्रामीण केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे सभी परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराना है जिनके पास स्वयं का आवास नहीं है या जो कच्चे घरों में रह रहे हैं। इस योजना के तहत सरकार बुनियादी सुविधाओं सहित आवास निर्माण में आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
Awaas+ 2024 सर्वे देशभर में उन परिवारों की पहचान करने के लिए शुरू किया गया है जो अब तक इस योजना से वंचित रह गए हैं। दिसंबर 2024 से चल रहा यह सर्वेक्षण Awaas+ मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से किया जा रहा है, ताकि पारदर्शी और डिजिटल तरीके से पात्र परिवारों को चिन्हित किया जा सके।
समय सीमा बढ़ाने की वजह पूर्वांचल के कई जिलों जौनपुर, वाराणसी, गाजीपुर, सुल्तानपुर आदि में क्षेत्रीय बाधाओं और तकनीकी कारणों से कई पात्र परिवार सर्वेक्षण में शामिल नहीं हो पाए थे। इस स्थिति को देखते हुए सांसद प्रिया सरोज ने केंद्र सरकार से समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था, ताकि किसी पात्र व्यक्ति को योजना से वंचित न रहना पड़े।
नई समय सीमा ग्रामीण विकास मंत्रालय ने अब सर्वेक्षण की अवधि 15 अक्टूबर 2025 तक बढ़ा दी है। राज्य सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि इस विस्तारित अवधि के भीतर सभी पात्र परिवारों का सर्वेक्षण पूरा कर Awaas+ 2024 एप्लिकेशन पर डेटा अपलोड किया जाए। कार्यान्वयन और निगरानी ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस संबंध में जारी पत्र की प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास आयुक्त और संबंधित अधिकारियों को भेजी है।
सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि सर्वेक्षण कार्य समयबद्ध और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार पूरा किया जाए।
सांसद प्रिया सरोज ने इस निर्णय के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों के लिए सम्मान और स्थायित्व का प्रतीक है। सरकार सुनिश्चित करेगी कि कोई भी पात्र परिवार घर से वंचित न रह जाए।