ब्यूरो,
Drishti IAS ने UPSC में 216 बच्चों के सेलेक्शन का किया था झूठा विज्ञापन, लगा 5 लाख का जुर्माना
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने दृष्टि IAS पर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 के परिणामों के बारे में भ्रामक विज्ञापन देने के आरोप में ₹5 लाख का जुर्माना लगाया है.
CCPA के अनुसार, दृष्टि IAS ने अपने प्रचार में गलत दावा किया कि उसने 216+ उम्मीदवारों को चयनित कराया है. जबकि असल में इस सफलता में संस्थान की भूमिका और पाठ्यक्रम की जानकारी छिपाई गई थी. यह मामला पिछले वर्षों में इसी तरह की शिकायतों और जुर्मानों का दूसरा उदाहरण है, जिससे यह साफ होता है कि कोचिंग संस्थानों को अपने विज्ञापनों में पूरी और और सही जानकारी देना अनिवार्य है…