ट्रम्प का टेरिफ-भूत” अब फिल्म और मनोरंजन सेक्टर की ओर रुख

ब्यूरो,

ट्रम्प का टेरिफ-भूत” अब फिल्म और मनोरंजन सेक्टर की ओर रुख

ट्रम्प का टेरिफ-भूत” अब फिल्म और मनोरंजन सेक्टर की ओर रुख कर गया है! पिछले दो महीनों में हर दिन-सप्ताह की तरह एक और नए टैरिफ का एलान अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बीते दिन कर दिया जो अमरीकी फिल्म मनोरंजन सेक्टर से जुड़ा है मनोरंजन-मुद्दे के समाधान के लिए सभी विदेशी फिल्मों पर 100% टैरिफ लगा दिया है। अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने विगत दो महीनों में फार्मा, स्टील अनाज कृषि, होम इकोनॉमी होम किचिन के बाद “टोलीवुड” फिल्म/मनोरंजन को भी टेरिफ के दायरे में ले लिया है। ट्रंप के इस फैसले से भारतीय सिनेमा की अमेरिकी कमाई और रिलीज रणनीति वयापक तौर पर प्रभावित होगी। भारतीय सिनेमा के लिए अमेरिका सबसे महत्वपूर्ण विदेशी बाजारों में से एक है, उद्योग व्यापार के जानकारों के अनुसार अमेरिकी बॉक्स ऑफिस भारतीय फिल्मों की कुल अंतरराष्ट्रीय कमाई का लगभग 30–40% हिस्सा होता है। तेलुगु फिल्मों के लिए यह तेलंगाना के बाद दूसरा सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय बाजार है। बड़े बजट की तेलुगु फिल्में अमेरिकी बाजार से अपनी बॉक्स ऑफिस कमाई का 25% तक अर्जित करती हैं, और ये फिल्में आमतौर पर 700–800 सिनेमाघरों में रिलीज होती हैं।

फिल्म मनोरंजन पर Tariffs लगाने की घोषणा से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने “लकड़ी-फर्नीचर” घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए लकड़ी और लकड़ी से बने उत्पादों पर दो लेवल की नई ड्यूटी लगाने का भी ऐलान किया गया है। 14 अक्टूबर 2025 से सॉफ्टवुड पर 10% और किचन कैबिनेट, वैनिटी और अपहोल्स्टर्ड फर्नीचर पर 25% टैरिफ 1 जनवरी 2026 से लगाया जाएगा। दर्जन भर से अधिक भारतीय कंपनियों को EU बाजारों पर ज्यादा ध्यान देना पड़ेगा जहां अमेरिका की तरह टैरिफ का खतरा नहीं है। भारतीय निर्यातकों के लिए अब लागत बढ़ जाएगी क्योंकि 10% से 25% तक का टैरिफ अमेरिकी खरीदारों पर ट्रांसफर होगा, इससे भारतीय कंपनियों की मांग और ऑर्डर्स निश्चित घट सकते हैं।

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