राम मंदिर से ताजमहल तक हवाई दर्शन में नो फ्लांइग जोन बना बड़ा रोड़ा

ब्यूरो,

राम मंदिर से ताजमहल तक हवाई दर्शन में नो फ्लांइग जोन बना बड़ा रोड़ा

राम मंदिर से ताजमहल तक हवाई दर्शन में नो फ्लांइग जोन बना बड़ा रोड़ा,एक दिन की उड़ान,21 महीने से सन्नाटा

आगरा।उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई हेलिकॉप्टर से जॉय राइड का लोग लगभग ढाई साल से इंतजार कर रहे हैं।बटेश्वर में एक दिन हेलिकॉप्टर ने उड़ान भरी भी थी। उसके बाद 21 महीने से सन्नाटा है। यह हाल तब है जब मथुरा,वृंदावन,गोवर्धन से लेकर अयोध्या, वाराणसी और गोरखपुर तक धर्मस्थलों पर श्रद्धा आसमान छू रही है।

सीएम योगी ने दिखाई थी हरी झंडी

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 25 दिसंबर 2023 को जिस हेलिकॉप्टर सेवा को बटेश्वर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखाई थी, वो 21 महीने बाद भी शुरू नहीं हो सकी।रामनगरी से ताजमहल और गोवर्धन पर्वत तक हवाई दर्शन के सपनों में नो फ्लाइंग जोन रोड़ा बना है।आगरा में ताजमहल, छावनी क्षेत्र और वायु सेना हवाई अड्डे के कारण नो फ्लाइंग जोन है।

मोहब्बत की निशानी ताजमहल के ऊपर से लगभग एक किलोमीटर हवाई दायरे में कोई उड़ान नहीं हो सकती।राम मंदिर के ऊपर भी 500 मीटर में नो फ्लाइंग जोन है।अयोध्या में गोरखा रेजिमेंट है,यहां भी उड़ान में रोड़ा है।ऐसे में जिस हेलिकॉप्टर सेवा प्रदाता कंपनी राजस एयरो स्पोर्ट्स एंड एंडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड से पर्यटन विभाग ने करार किया था,उसे नो फ्लाइंग जोन में हेलिकॉप्टर उड़ान की अनुमति नहीं मिल पा रही।

उड़ान पर रोक से फीका रोमांच

विदेशी पर्यटकों में ताजमहल का हवाई दीदार की बहुत चाहत होती है,लेकिन ताजमहल के ऊपर से उड़ान न होने से उनका रोमांच फीका पड़ गया है।दूर से हेलिकॉप्टर से ताजमहल के ऊपर जॉय राइड नहीं मिलने से पर्यटकों का आकर्षण भी कम हो सकता है।नो फ्लाइंग जोन के बाहर और नए हवाई मार्गों से उड़ान भरने पर हेलिकॉप्टर कंपनी को वित्तीय रूप से क्षति हो रही है।

हेलिकॉप्टर कंपनी को भेजा नोटिस

हेलिकॉप्टर सेवा शुरू नहीं करने पर पर्यटन निदेशालय ने राजस एयरो स्पोर्ट्स एंड एंडवेंचर प्रा.लि. कंपनी को नोटिस भेजा है। उड़ान शुरू नहीं करने पर करार निरस्त करने की चेतावनी दी गई है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह का कहना है कि अक्तूबर में शुरू होने वाले पर्यटक सीजन तक उड़ान शुरू हो सकती है।

कंपनी ने कुछ चिंताए जताई हैं, जिन पर निदेशालय स्तर से बातचीत हो रही है।ताजमहल व राम मंदिर के ऊपर नो फ्लाइंग जोन है। इससे पहले पर्यटन विभाग ने 15 अगस्त तक उड़ान शुरू करने की बात कही थी।

एक साल पहले से किराया तय

हेलिकॉप्टर से आगरा से अयोध्या, अयोध्या से गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ और प्रयागराज और मथुरा तक उड़ान का किराया सितंबर 2024 में तय हो चुका है। 60 घंटे पहले बुकिंग कराने पर किराए में 40 फीसदी छूट के बाद 50 मिनट से ढाई घंटे तक हवाई दर्शन पर 13 से 45 हजार रुपये तक खर्च होगा।

आगरा और मथुरा से अयोध्या तक 440 किमी लंबी 135 मिनट की उड़ान पर 45,135 रुपये और अयोध्या से गोरखपुर तक 13,373, लखनऊ से वाराणसी से 18,388 रुपये किराया तय किया गया था।

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