IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II


Alok Vajpeyee (Astrologer),
🕉 प्रातः स्मरामि गणनाथमनाथबन्धुं
सिन्दूरपूरपरिशोभितगण्डयुग्मम्।
उद्दण्ड विघ्न परि खण्डन चण्ड दण्ड माखण्डलादि सुरनायक वृन्द वन्द्यम्॥
अर्थ:
मैं सुबह-सुबह गणनाथ, अनाथों के बंधु, सिंदूर से सुशोभित गालों वाले, और प्रचण्ड शक्ति से विघ्नों का नाश करने वाले, इन्द्र आदि देवताओं द्वारा वंदित गणनाथ का स्मरण करता हूँ।
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🙌🙌🙌 जय जय श्री राधे 🙌🙌🙌🙌
IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II
🕉 श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏
🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹
विक्रम संवत 2082
संवत्सर नाम -: सिद्धार्थी
संवत्सर राजा-: सूर्य
संवत्सर मंत्री-: सूर्य
🌕सूर्य दक्षिणायण, ऋतु-: वर्षा
सूर्य उदय : प्रातः 5/57
सूर्य अस्त : सायं 6/51
📺 भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि
अंग्रेजी दिनांक-: 20/8/2025
दिन-: बुद्धवार
🌕 चंद्रमा-: मिथुन राशि में सायं 6/36 तक उसके बाद कर्क राशि में
🥳राशि स्वामी-: बुद्ध/चंद्र
🌱 आज का नक्षत्र -: पुनर्वसु
💓 नक्षत्र स्वामी – : गुरु
✨️ चंद्रमा का नक्षत्र प्रवेश-:
प्रात: 6/58 से पुनर्वसु नक्षत्र चरण 2 में
दोपहर 12/47 से पुनर्वसु नक्षत्र चरण 3 में
सायं 6/36 से पुनर्वसु नक्षत्र चरण 4 में
🔥 योग-: सिद्धि योग सायं 6/15 बजे तक-: यह एक शुभ योग है इस योग में कोई भी शुभ कार्य करने से लाभ होता है
आज के मुख्य पर्व/भद्रा/पंचक/गन्डमूल आदि
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🪴-: वत्स द्वादशी (पूजा) -: इस दिन गाय और उनके बछड़े की पूजा की जाती है तो इस दिन गाय और बछड़े को नए वस्त्र अर्पित करें। 2) सबसे पहले गाय का चंदन से तिलक करें। इसके बाद तांबे के पात्र में जल लेकर भगवान कृष्ण का ध्यान करते हुए जल को गाय के सामने अर्पित कर दें। 3) इस दिन गाय माता को उड़द से बने पदार्थ ही खिलाने चाहिए।
प्रदोष व्रत-: किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में चंद्र यदि पीड़ित हो या मन पीड़ित हो तो शिव की आज के दिन पूजा और अभिषेक करने से लाभ होता है
♻️आज की शुभ दिशा -: दक्षिण,पूर्व, दक्षिण, पश्चिम
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♻️ दिशा शूल -: उत्तर दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर धनिया या तिल खाकर प्रस्थान करें
आज की ग्रह स्थिति -:
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🌷सूर्य -: सिंह राशि (राशि स्वामी सूर्य) मघा नक्षत्र चरण 1 में ( नक्षत्र स्वामी केतु) दोपहर 1 बजे से चरण 2 में
🛑मंगल -: कन्या राशि (राशि स्वामी बुद्ध) हस्त नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी चंद्र)
🌱 बुद्ध -: कर्क राशि (राशि स्वामी चंद्र) पुष्य नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🌕गुरु -: मिथुन राशि (राशि स्वामी बुद्ध) पुनर्वसु नक्षत्र चरण 1 में ( नक्षत्र स्वामी गुरु)
💃 शुक्र -: मिथुन राशि (राशि स्वामी बुद्ध) पुनर्वसु नक्षत्र चरण 3 में ( नक्षत्र स्वामी गुरु) रात्रि 12/19 से चरण 4 कर्क राशि में (राशि स्वामी चंद्रमा)
🌊 शनि(वक्री) -: मीन राशि (राशि स्वामी गुरु)उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 1 में(नक्षत्र स्वामी शनि)
🎥 राहु-: कुंभ (राशि राशि स्वामी शनि)पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
🛐केतु-: सिंह राशि( राशि स्वामी सूर्य) पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी शुक्र)
🤬राहु काल -: दोपहर 12/00 से 1/30 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य न करें
दैनिक लग्न सारणी -:
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प्रात-: 5/42 तक कर्क
8/01 तक सिंह
10/17 तक कन्या
दोपहर 12/35 तक तुला
2/54 तक वृश्चिक
सायं 4/58 तक धनु
6/41 तक मकर
रात्रि 8/09 तक कुम्भ
9/33 तक मीन
11/09 तक मीन
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Pandit Alok Bajpai
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🙌🙌🙌 जय जय श्री राधे 🙌🙌🙌🙌