गड्ढे में गिरी रेस्टोरेंट की दीवार

Alok Verma, Jaunpur Bueauro,

गड्ढे में गिरी रेस्टोरेंट की दीवार

जौनपुर। सात अगस्त को अनवरत बारिश से जौनपुर शहर के वाजिदपुर इलाके में एक होटल के पिज्जा रेस्टोरेंट की दीवार अल सुबह भहरा गई l गोरखपुर- प्रयागराज फोरलेन पर इस होटल का भवन दरअसल उसी झील में बना है जहां भैंसा नाला सई नदी के उत्तरी छोर के गावों के सैलाब को लेकर गोमती नदी तक आता रहा, लेकिन होटल के नीचे दबाये गए इस नाले की औकात घटाकर चाँदमारी इलाके में नाली में तब्दील कर दी गई, फ़िर भी जलकुंभी से भरे इस स्वनिर्मित तालाब में पानी बढ़ा तो दीवार को निगल गया l
दरअसल पांच दशक पूर्व झील के रूप में चर्चित यह स्थान जहां अब होटल, मॉल शॉप, निजी अस्पतालों की श्रृंखला है, इसी के मध्य से बाईपास निकला जिससे लुम्बिनी- दुद्दी मार्ग पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिली थी l अब इसी मार्ग पर गोरखपुर से प्रयागराज को फोरलेन बन रहा है l इसके चलते झील में काबिज कई भू – माफिया के भवन को बग़ैर मुआवजा दिये सामने वाले हिस्से को काट दिया गयाl
हालांकि दो साल पूर्व तत्कालीन डीएम मनीष वर्मा के कार्यकाल में नोटिस भी दी गई थी, लेकिन इनकी सेहत पर फर्क नहीं पड़ा, अलबत्ता सभी ने मिलकर जमीन की ‘नवैयत’ बदलवाने को लाखों रुपये चंदा जुटाकर प्रदेश की राजधानी तक फाइल पहुँचवाई जो बैरंग लौट आई, फ़िर एक महिला नेता ने बाकायदे प्रेस काँफ्रेंस में कहा कि ‘ मुख्यमंत्री से मेरी बात हो गई है, जमीन की नवैयत बदलेगी और सबके नक्शे वैध हो जाएंगेl नेता के इस बयान से भू – माफिया के चेहरे खिल उठे, आज भी उनकी यह उम्मीद कायम है l
इस जमीन की खासियत जानिए- जिस तरह मानव और जीव जंतुओं के जेंडर निर्धारित होते हैं उसी तरह जमीन भी वर्गीकृत होती है, जैसे बाग – बगीचे, तालाब, पार्क आदि चाहे जिसके नाम का हो लेकिन इसपर भवन नहीं बनाए जा सकते हैं, इन्हें उसी अवस्था में रखना होता है, लेकिन मास्टर प्लान विभाग और प्रशासन की मिलीभगत से पाँच दशक में इतने भवन फर्जी नक्शे से बन गए कि झील तालाब बनकर रह गईl अबकी हो रही बारिश में रेस्टोरेंट की ढही दीवार ने जलजीव रूपी भू – माफिया को डरा दिया है l

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