IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थितिII

IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थितिII

आलोक वाजपेयी (ज्योतिषाचार्य)

🕉 नमामि देवं सकलार्थदं तं सुवर्णवर्णं भुजगोपवीतम्। गजाननं भास्करमेकदन्तं लम्बोदरं वारिभावसनं च॥
अर्थ:
मैं उस भगवान गजानन (गणेश) को प्रणाम करता हूं, जो सभी कामनाओं को पूर्ण करने वाले हैं, सुवर्ण के समान वर्ण वाले हैं, सर्प के यज्ञोपवीत से सुशोभित हैं, जिनका रूप हाथी के समान है, जो सूर्य के समान दीप्तिमान हैं, एकदंत हैं, लम्बोदर हैं और कमल के आसन पर विराजमान हैं।

IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थितिII

🕉 श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏
🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹

विक्रम संवत 2081
संवत्सर नाम -: कालयुक्त
संवत्सर राजा-: मंगल
संवत्सर मंत्री-: शनि
🌕सूर्य उत्तरायण, ऋतु-: वसंत
सूर्य उदय : प्रातः 6/39
सूर्य अस्त : सायं 6/23
📺 फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि प्रात: 7/45 तक
अंग्रेजी दिनांक-: 12/3/2025

दिन-: बुद्धवार

🌕 चंद्रमा-: सिंह राशि में पूरा दिन

🥳राशि स्वामी-: सूर्य

🌱 आज का नक्षत्र-: मघा

💓 नक्षत्र स्वामी – : केतु

✨️ चंद्रमा का नक्षत्र प्रवेश:
प्रात: 8/43 से मघा नक्षत्र चरण 2 में
दोपहर 3/11 से मघा नक्षत्र चरण 3 में
रात्रि 9/39 से मघा नक्षत्र चरण 4 में

 

🪴आज का विशेष पर्व एवं धार्मिक महत्त्व:

होलाष्टक चल रहे हैं, महेश्वर व्रत (भगवन शिव और माता पार्वती की अर्चना कर दीपदान करने से पुनर्जन्मदि का कष्ट नहीं होता है. इस दिन भगवान शिव का दर्शन किया जाए तो अनेक जन्मों तक व्यक्ति वेद-ज्ञानी और धनवान होता है. लिंग पुराण व ब्रह्मपुराण के अनुसार इस दिन वृषदान करने से शिवपद की प्राप्ति संभव होती है. इसके अलावा जो भी सामर्थ्य अनुरुप दान किया जाए तो संपति बढ़ती है. मान्यताओं के अनुसार इस पुण्य तिथि को भगवान शंकर ने राक्षस का संहार करके भक्तों क अकल्याण भी किया था. इस दिन संध्या समय मंदिरों में दीपक जलाए जाते हैं. शिव पूजन और शिव कथा कथा की परंपरा है. सांयकाल के समय देव मंदिरों, चौराहों, गलियों और बड़ के वृक्ष के पास दीपक जलाते हैं),
गन्डमूल रात्रि 4/06 पर समाप्त

🔮 ज्योतिषीय सलाह:

🔥 योग -: दोपहर 1/00 बजे तक सुकर्मा (सुकर्मा योग में किए गए काम सफल होते हैं. इस योग में नए काम शुरू करने पर परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता. विवाह जैसे मांगलिक कामों के लिए भी यह योग अच्छा माना जाता है)
उसके बाद धृति ( ज्योतिष में एक विशेष योग है, जो धैर्य, दृढ़ता और स्थिरता से जुड़ा माना जाता है. इस योग में किए गए कार्य बिना किसी बाधा के पूरे होते हैं और शुभ फल देते हैं)
♻️ शुभ दिशा-: दक्षिण,पूर्व, दक्षिण-पश्चिम

♻️ दिशा शूल -: उत्तर दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर धनिया या तिल खाकर प्रस्थान करें

आज की ग्रह स्थिति -:
🌷सूर्य -: कुंभ राशि पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
🛑मंगल -: मिथुन राशि पुनर्वसु नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)

🌱 बुद्ध -: मीन राशि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)

🌕गुरु -: वृष राशि रोहिणी नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी चंद्र)
💃 शुक्र (वक्री) -: मीन राशि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🌊 शनि (अस्त) -: कुंभ राशि पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)

🎥 राहु-: मीन राशि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🛐केतु-: कन्या राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी सूर्य)

🤬राहु काल -: दोपहर 12/31 से 2/00 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य न करें

दैनिक लग्न सारणी -:

प्रात: 6/45 तक कुम्भ
8/09 तक मीन
9/45 तक मेष
11/40 तक वृष
दोपहर 1/54 तक मिथुन
सायं 4/15 तक कर्क
6/33 तक सिंह
रात्रि 8/48 तक कन्या
11/07 तक तुला
1/26 तक वृश्चिक
सूर्योदय पूर्व 3/30 तक धनु
5/13 तक मकर

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🙌🙌🙌 जय जय श्री राधे 🙌🙌🙌🙌

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