IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थितिII

IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थितिII

आलोक वाजपेयी (ज्योतिषाचार्य),

🕉 सिंधु-तरन, सिय-सोच-हरन, रबि-बाल-बरन तनु ।
भुज बिसाल, मूरति कराल कालहुको काल जनु ।।
गहन-दहन-निरदहन लंक निःसंक, बंक-भुव ।
जातुधान-बलवान-मान-मद-दवन पवनसुव ।।
कह तुलसिदास सेवत सुलभ सेवक हित सन्तत निकट ।गुन-गनत, नमत, सुमिरत, जपत समन सकल-संकट-विकट ।।

भावार्थ :- जिनके शरीर का रंग उदयकाल के सूर्य के समान है, जो समुद्र लाँघकर श्रीजानकीजी के शोक को हरने वाले, आजानु-बाहु, डरावनी सूरत वाले और मानो काल के भी काल हैं। लंका-रुपी गम्भीर वन को, जो जलाने योग्य नहीं था, उसे जिन्होंने निःसंक जलाया और जो टेढ़ी भौंहो वाले तथा बलवान् राक्षसों के मान और गर्व का नाश करने वाले हैं, तुलसीदास जी कहते हैं – वे श्रीपवनकुमार सेवा करने पर बड़ी सुगमता से प्राप्त होने वाले, अपने सेवकों की भलाई करने के लिये सदा समीप रहने वाले तथा गुण गाने, प्रणाम करने एवं स्मरण और नाम जपने से सब भयानक संकटों को नाश करने वाले हैं ।।

IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थितिII

🕉 श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏
🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹

विक्रम संवत 2081
संवत्सर नाम -: कालयुक्त
संवत्सर राजा-: मंगल
संवत्सर मंत्री-: शनि
🌕सूर्य उत्तरायण, ऋतु-: वसंत
सूर्य उदय : प्रातः 6/39
सूर्य अस्त : सायं 6/23
📺 फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि प्रात: 7/45 तक
अंग्रेजी दिनांक-: 11/3/2025

दिन-: मंगलवार

🌕 चंद्रमा-: कर्क राशि में पूरा दिन

🥳राशि स्वामी-: चंद्र

🌱 आज का नक्षत्र-: आश्लेषा

💓 नक्षत्र स्वामी – : बुद्ध

✨️ चंद्रमा का नक्षत्र प्रवेश:
प्रात: 6/09 से आश्लेषा नक्षत्र चरण 2 में
12/24 से आश्लेषा नक्षत्र चरण 3 में
सायं 6/38 से आश्लेषा नक्षत्र चरण 4 में
रात्रि 2/16 से मघा नक्षत्र चरण 1 में

🪴आज का विशेष पर्व एवं धार्मिक महत्त्व:

होलाष्टक चल रहे हैं,भौम प्रदोष व्रत ( इस व्रत को रखने से सुख- समृद्धि की प्राप्ति होती है। साथ ही अगर कुंडली में मंगल दोष हो तो इस दिन व्रत रखने से मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव में कमी आती है। साथ ही हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है),गन्डमूल,सर्वार्थ सिद्ध योग

🔮 ज्योतिषीय सलाह:

🔥 योग -: दोपहर 1/18 तक अतिगन्ड (अतिगण्ड योग एक ज्योतिषीय योग है जो तब बनता है जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली के 12 घरों में से किसी एक घर में चार या पांच ग्रह हों, जिसे ज्योतिष में अशुभ माना जाता है,अतिगण्ड की पहली 6 घटी को सभी अच्छे कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है। इस योग में जन्म लेने वाले जातक का जीवन कष्टकारी होता है। गंभीर मामलों में कभी-कभी इसके परिणामस्वरूप परिवार के सदस्यों की मृत्यु भी हो सकती है। अतिगंड योग का स्वामी चंद्रमा ग्रह है)

दोपहर 1/18 के बाद सुकर्मा (सुकर्मा योग में किए गए काम सफल होते हैं. इस योग में नए काम शुरू करने पर परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता. विवाह जैसे मांगलिक कामों के लिए भी यह योग अच्छा माना जाता है.)
♻️ शुभ दिशा-: दक्षिण-पूर्व

♻️ दिशा शूल -: उत्तर दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर गुड खाकर प्रस्थान करें

आज की ग्रह स्थिति -:
🌷सूर्य -: कुंभ राशि पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी गुरु) प्रात: 10/37 से चरण 3 में
🛑मंगल -: मिथुन राशि पुनर्वसु नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)

🌱 बुद्ध -: मीन राशि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)

🌕गुरु -: वृष राशि रोहिणी नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी चंद्र)
💃 शुक्र (वक्री) -: मीन राशि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🌊 शनि (अस्त) -: कुंभ राशि पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)

🎥 राहु-: मीन राशि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🛐केतु-: कन्या राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी सूर्य)

🤬राहु काल -: दोपहर 3/29 से सायं 4/58 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य न करें

दैनिक लग्न सारणी -:

प्रात: 6/49 तक कुम्भ
8/13 तक मीन
9/49 तक मेष
11/44 तक वृष
दोपहर 1/58 तक मिथुन
सायं 4/19 तक कर्क
6/37 तक सिंह
रात्रि 8/52 तक कन्या
11/11 तक तुला
1/30 तक वृश्चिक
सूर्योदय पूर्व 3/34 तक धनु
5/17 तक मकर

For all vastu and Astrology solutions contact
Astrologer and Vastu expert Pandit Alok Bajpai
9873568111
🌷🌹🌹🌹🌹🌹
🙌🙌🙌 जय जय श्री राधे 🙌🙌🙌🙌

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *