लॉकडाउन में घर बैठे लोगों ने डीएल बनवाने के लिए परिवहन विभाग की ऑनलाइन व्यवस्था का पूरा फायदा उठाया है। नतीजा प्रदेश भर से पांच लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं। आवेदकों ने फीस जमा करके जुलाई और अगस्त माह में अपनी मर्जी से टाइम स्लाट ले लिया। अब ऐसे आवेदकों का टाइम स्लाट रद्द होगा। ऐसे में आरटीओ कार्यालय में टेस्ट के लिए अगले साल बुलावे का मैसेज भेजा जाएगा। परिवहन विभाग के अधिकारी बताते है कि लॉकडाउन के दौरान डीएल आवेदन के पोर्टल खुले रह रहे। इस दौरान लोगों ने ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी काम के लिए ऑनलाइन आवेदन कर दिया। जबकि मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट की ओर से 30 जून तक ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी आवेदन पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद लोगों ने लॉकडाउनक के दौरान लर्निंग डीएल, स्थायी डीएल, नवीनीकरण आदि कार्यों के लिए लोगों ने आवेदन कर दिया।
चार अप्रैल को केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता 30 जून तक बढ़ाकर आवेदन पर रोक लगा दी थी। ऐसे आवेदन एक जुलाई से स्वीकार किए जाएंगे। प्रदेश भर में ऐसे आवेदकों की संख्या साढ़े तीन लाख के करीब है। ऐसे आवेदकों को पहले बुलाया जाएगा। परिवहन आयुक्त कार्यालय के एआरटीओ आईटी प्रभात पांडेय ने बताया कि जहां रोजाना तीन सौ आवेदकों के काम होते थे। वहीं अब मात्र 33 फीसदी ही आवेदकों को बुलाया जाएगा। इस वजह से डीएल आवेदन करने वालों को अब लंबा इंतजार करना पड़ेगा। लॉकडाउन के दौरान काफी आवेदन आए हैं। इनका टाइम स्लाट रद्द होगा। इन्हें सोशल डिस्टेंसिंग के तहत अलग से बुलावे का मैसेज भेजा जाएगा। इन आवेदकों के नंबर अगले साल आएंगे। –विनय कुमार सिंह, अपर परिवहन आयुक्त आईटी