लखनऊ-CM सोशल मीडिया टीम कर्मचारी के आत्महत्या मामले में नया मोड़ हाईकोर्ट में जनहित याचिका की तैय्यारी में नूतन
सोशल मीडिया कर्मी पार्थ श्रीवास्तव के सुसाइड लेटर में गोरखपुर के 2 लोगों का नाम
किसी अभय भैया और महेंद्र का भी जिक्र है
शैलजा नाम की महिला कर्मी का नाम लिखा,
पार्थ के उत्पीड़न का किसी ने संज्ञान नहीं लिया
मृतक पार्थ श्रीवास्तव की बहन का बड़ा आरोप,
पुष्पेंद्र और शैलजा मिलकर करते थे प्रताड़ित-शालिनी,
प्रताड़ना से तंग आकर भाई ने आत्महत्य मरने से पहले व्हाट्सएप पर सुसाइड नोट भेजा
पार्थ का फोन पुलिस के पास था- शालिनी,
पुलिस बताए ट्वीट किसने डिलीट किया
आरोपियों में से 2 मान्यता प्राप्त पत्रकार भी हैं, जो फर्जी दस्तावेजों के सहारे इन्हें मान्यता दी गई,सीएम सोशल मीडिया टीम में बड़ा
स्कैंडल,बेसिल कर्मचारी को राज्य मुख्यालय की मान्यता कैसे दी गई?
एक सूचना के उप निदेशक को था पूरा ज्ञान ,इस उप निदेशक पर अपर मुख्य सचिव की कृपया ,बिजलेस की जाँच फिर भी कई महत्व पूर्ण काम ,-नूतन ठाकुर का बड़ा आरोप ,
पुलिस कमिश्नर को नूतन ठाकुर ने दिया पत्र ,कहा
-सीएम को टैग करके लिखा सुसाइड नहीं कत्ल है,मृतक के इस ट्वीट को डिलीट कर दिया गया
पुष्पेंद्र उर्फ संजू तथा शेलजा को अबतक नहीं हटाया गया,
मड़ियांव कोतवाली के पीछे रहता है पुष्पेंद्र सिंह,सुसाइड केस का CM ऑफिस ने नहीं लिया संज्ञान,पूरे मामले को लेकर हाईकोर्ट जायेगी नूतन ठाकुर ?