कहाँ तो तय था चराग़ाँ हर एक घर के लिए कहाँ तो तय था चराग़ाँ हर…
Category: साहित्य Re-mix
हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए…
हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए इस…
कहाँ तो तय था चराग़ाँ हर एक घर के लिए कहाँ तो तय था चराग़ाँ हर…
हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए इस…