IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II

IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II

Alok Vajpeyee (Astrologer, ) 

🕉 गजानन ज्ञानविहारकानि- न्नं मां च जानासि परावमर्षाम् ।
गणेश रक्षस्व न चेच्छरीरं. त्यजामि सद्यस्त्वयि भक्तियुक्ता ॥
अर्थात-: हे गजानन! तुम ज्ञान में विहार करने वाले हो, क्या तुम मेरी इस परम पीड़ा और अपमान को नहीं जानते हो? हे गणेश! मेरी रक्षा करो, नहीं तो मैं तुम्हारी भक्त होकर अभी इसी क्षण अपने इस शरीर को त्याग दूँगा।
🙏🙏 🙏🙏🌱🌹

🙌🙌🙌 हर हर महादेव 🙌🙌🙌

🕉 जय माता की 🙏🙏 🙏🙏🌱🌹

IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II

🕉 श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏

🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹

विक्रम संवत 2083
संवत्सर नाम -: रौद्र
संवत्सर राजा-: गुरु
संवत्सर मंत्री-: मंगल
🌕सूर्य दक्षिणायन
, ऋतु-: हेमंत
सूर्य उदय : प्रातः 6/39
सूर्य अस्त : सायं 5/30
📺 कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि

अंग्रेजी दिनांक-: 4/11/2026

दिन-: बुद्धवार

🌕 चंद्रमा-: सिंह राशि में

🥳राशि स्वामी-: सूर्य

🌱 आज का नक्षत्र – : पूर्वा फाल्गुनी
💓 नक्षत्र स्वामी – : शुक्र

✨️ चंद्रमा का नक्षत्र चरणों में प्रवेश काल

प्रात: 9/25 तक पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 1 में
दोपहर 3/25 तक पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र 2 में
रात्रि 9/27 तक पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 3 में
रात्रि 3/30 तक पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 4 में

आज का करण और योग आदि
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🪐 करण-: प्रात: 11/03 तक विष्टि-: विष्टि करण को शुभ नहीं माना जाता है। यह करण व्यक्ति पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, जिसके कारण जातक का स्वभाव अविश्वासी हो सकता है। वे अनैतिक कार्यों में लिप्त हो सकते हैं। विष्टि करण को भद्रा करण भी कहा जाता है और सभी शुभ कार्यों में इससे बचना चाहिए। हालांकि, विष्टि या भद्रा करण विनाशकारी कार्यों के लिए उपयुक्त है, जैसे शत्रु पर हमला करना, किसी की हत्या करना, जहर देना, अपहरण करना, तांडिव कृत्यों से नुकसान पहुंचाना आदि।

उसके बाद बव-: बव करण में जन्मे व्यक्ति आध्यात्मिक होते हैं और धार्मिक कार्यों में संलग्न रहना पसंद करते हैं। वे धर्मनिष्ठ होते हैं और उन्हें जो भी कार्य सौंपा जाता है, उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ देने में विश्वास रखते हैं।

🔥 योग-: प्रात: 8/00 तक ब्रम्ह-: इस योग में शांति कर्म, इलाज शुरू करने, धार्मिक अनुष्ठान और नए कार्यों की शुरुआत के लिए बहुत कल्याणकारी माना गया है।

उसके बाद ऐंद्र-: सरकारी और धार्मिक कार्यों के लिये शुभ

🪴 आज के भद्रा, पंचक, त्यौहार आदि
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भद्रा प्रात: 11/03 तक

आज की शुभ दिशा -: दक्षिण,पूर्व,दक्षिण-पश्चिम
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♻️ दिशा शूल-: उत्तर दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर धनिया और तिल खाकर प्रस्थान करें

आज की ग्रह स्थिति -:
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🌷सूर्य -: तुला राशि (राशि स्वामी शुक्र) स्वाति नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी बुद्ध)
🌱 बुद्ध (वक्री) -: तुला राशि (राशि स्वामी शुक्र) स्वाति विशाखा नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी राहु)
🌕गुरु -: सिंह राशि मघा नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी केतु)
💃 शुक्र (वक्री) -: शुक्र तुला राशि (राशि स्वामी शुक्र)चित्रा नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी मंगल)
🌊 शनि वक्री-: मीन राशि (राशि स्वामी गुरु) उत्तर भाद्रपद चरण 1 में ( नक्षत्र स्वामी शनि)
🎥 राहु-: कुंभ (राशि राशि स्वामी शनि) धनिष्ठा नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी मंगल) 1
🛐केतु-: सिंह राशि( राशि स्वामी सूर्य) मघा नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी केतु)

🌷 आज के शुभ समय
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अभिजीत मुहुर्त-: xxxx

अमृत काल-: रात्रि 9/05 से 10/41 तक

द्विपुष्कर योग-: xxxx

विजय मुहूर्त-: दोपहर 1/54 से 2/38 बजे तक किसी भी प्रतियोगिता, खेल कूद, परीक्षा, इंटरव्यू, टेन्डर आदि के लिए सर्वश्रेष्ठ समय

सर्वार्थ सिद्धि योग-: xxx

रवि योग-: xxx

गोधूलि काल-: सायं 5/34 से 6/00 तक इस बेला को बहुत ही पवित्र और शुभ माना गया है।

🤬 आज के अशुभ समय
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राहु काल -: दोपहर 12/50 से 1/27 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य प्रारंभ न करें

गुलिक काल-: प्रात: 10/42 से 12/05 तक शुभ कार्यों के लिये अशुभ

यमगन्ड-: प्रात: 7/57 से 9/20 तक

दैनिक लग्न सारिणी
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प्रात: 7/38 तक तुला
9/56 तक वृश्चिक
दोपहर 12/00 तक धनु
1/42 तक मकर
3/10 तक कुम्भ
सायं 4/35 तक मीन
6/10 तक मेष
रात्रि 8/06 तक वृष
10/20 तक मिथुन
1/41 तक कर्क

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