IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II

IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II

आलोक वाजपेयी (ज्योतिषाचार्य),

🕉️ अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
श्रीधरं माधवं गोपिका वल्लभं,
जानकी नायकं रामचंद्रम भजे
अर्थात-: हे नर तू भगवान विष्णु को अच्युत,केशव, राम नारायण,कृष्ण, दामोदर, वासुदेव हरि, श्रीधर माधव गोपिका वल्लभ, जानकी नायक रामचंद्र के नाम से भज

🙌🙌🙌 हर हर महादेव 🙌🙌🙌

🕉️ जय माता की 🙏🙏 🙏🙏🌱🌹

IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II

🕉️ श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏

🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹

विक्रम संवत 2083
संवत्सर नाम -: रौद्र
संवत्सर राजा-: गुरु
संवत्सर मंत्री-: मंगल
🌕सूर्य दक्षिणायन
, ऋतु-: शरद
सूर्य उदय : प्रातः 6/29
सूर्य अस्त : सायं 5/42
📺 आश्विन मास शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि

अंग्रेजी दिनांक-: 22/10/2026

दिन-: गुरूवार

🌕 चंद्रमा-: कुम्भ राशि में

🥳राशि स्वामी-: शनि

🌱 आज का नक्षत्र – : शतभिषा रात्रि 8/49 तक उसके बाद पूर्व भाद्रपद
💓 नक्षत्र स्वामी – : राहु/गुरु

✨️ चंद्रमा का नक्षत्र चरणों में प्रवेश काल

प्रात: 7/00 से शतभिषा नक्षत्र चरण 3 में
दोपहर 1/25 से शतभिषा नक्षत्र 4 में
सायं 7/47 से शतभिषा नक्षत्र चरण 1 में
रात्रि 2/97 से शतभिषा नक्षत्र चरण 2 में

आज का करण और योग आदि
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🪐 करण-: दोपहर 2/49 तक विष्टि-:ज्योतिष के अनुसार, विष्टि करण को शुभ नहीं माना जाता है। यह करण व्यक्ति पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, जिसके कारण जातक का स्वभाव अविश्वासी हो सकता है। वे अनैतिक कार्यों में लिप्त हो सकते हैं। विष्टि करण को भद्रा करण भी कहा जाता है और सभी शुभ कार्यों में इससे बचना चाहिए। हालांकि, विष्टि या भद्रा करण विनाशकारी कार्यों के लिए उपयुक्त है, जैसे शत्रु पर हमला करना, किसी की हत्या करना, जहर देना, अपहरण करना, तांडिव कृत्यों से नुकसान पहुंचाना आदि।

उसके बाद बालव-: बालव करण व्यक्ति को आध्यात्मिक स्वभाव प्रदान करता है। बालव करण में जन्मे लोग तीर्थयात्रा कर सकते हैं और अपने जीवन का अधिक समय आध्यात्मिक गतिविधियों में व्यतीत कर सकते हैं।

🔥 योग-: वृद्धि रात्रि 11/39 तक-: इस योग में प्रारंभ किये गये शुभ कार्य फलित होते हैं

🪴 आज के भद्रा, पंचक, त्यौहार आदि
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पंचक चल रहे हैं, पापांकुशा एकादशी-: इस दिन भगवान विष्णु के पद्मनाभ स्वरूप की पूजा की जाती है।
पद्म पुराण के अनुसार, इस व्रत को करने से समस्त पापों का नाश होता है और व्यक्ति को मृत्यु के बाद यमराज के कष्ट नहीं भोगने पड़ते।इस दिन सोना, तिल, भूमि, गौ, अन्न और जल का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।

आज की शुभ दिशा -: उत्तर,पूर्व, पूर्व-उत्तर
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♻️ दिशा शूल-: दक्षिण दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर दही खाकर प्रस्थान करें

आज की ग्रह स्थिति -:
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🌷सूर्य -: तुला राशि (राशि स्वामी शुक्र) चित्रा नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी मंगल)
🛑मंगल -: कर्क राशि (राशि स्वामी चंद्र) आश्लेषा नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी बुद्ध)
🌱 बुद्ध -: तुला राशि (राशि स्वामी शुक्र) विशाखा नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
🌕गुरु -: कर्क राशि (राशि स्वामी चंद्र)आश्लेषा नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी बुद्ध)
💃 शुक्र (वक्री) अस्त -: शुक्र तुला राशि (राशि स्वामी शुक्र)स्वाति नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी राहु)
🌊 शनि वक्री-: मीन राशि (राशि स्वामी गुरु) उत्तर भाद्रपद चरण 1 में ( नक्षत्र स्वामी शनि)
🎥 राहु-: कुंभ (राशि राशि स्वामी शनि) धनिष्ठा नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी मंगल)
🛐केतु-: सिंह राशि( राशि स्वामी सूर्य) मघा नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी केतु)

🌷 आज के शुभ समय
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अभिजीत मुहुर्त-: प्रात: 11/43 से दोपहर 12/28 तक

अमृत काल-: दोपहर 1/18 से दोपहर 2/58 तक

द्विपुष्कर योग-: xxx

विजय मुहूर्त-: दोपहर 1/58 से 2/44 बजे तक किसी भी प्रतियोगिता, खेल कूद, परीक्षा, इंटरव्यू, टेन्डर आदि के लिए सर्वश्रेष्ठ समय

सर्वार्थ सिद्धि योग-: xxx

रवि योग-: xxx

गोधूलि काल-: सायं 5/45 से 6/10 तक इस बेला को बहुत ही पवित्र और शुभ माना गया है।

🤬 आज के अशुभ समय
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राहु काल -: दोपहर 1/30 से 2/55 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य प्रारंभ न करें

गुलिक काल-: प्रात: 9/16 से 10/40 तक शुभ कार्यों के लिये अशुभ

यमगन्ड-: प्रात: 6/26 से 7/51 तक

दैनिक लग्न सारिणी
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प्रात: 6/09 तक कन्या
8/31 तक तुला
10/51 तक वृश्चिक
दोपहर 12/53 तक धनु
2/36 तक मकर
सायं 4/01 तक कुम्भ
5/24 तक मीन
6/57 तक मेष
रात्रि 8/51 तक वृष
11/05 तक मिथुन

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