दिल्ली में इंटरनेट बंद करने को लेकर केंद्रीय गृह सचिव ने सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगी

Bueauro,

दिल्ली में इंटरनेट बंद करने को लेकर केंद्रीय गृह सचिव ने सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगी

नई दिल्ली। दिल्ली में सीजेपी व राजनैतिक दलों के प्रदर्शन के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों को न मानने, अदालत की अवमानना मामले की आज सुनवाई के दौरान केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगी। उन्होंने अपने हलफनामे में कहा कि कहा कि रायसीना हिल्स के 4 किलोमीटर के दायरे में 9 अक्टूबर की रात 10 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक, यानी एक दिन के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करना जरूरी था, ताकि कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोका जा सके और शांति बनाए रखी जा सके। गृह सचिव ने कहा कि कोर्ट के किसी भी निर्देश का जानबूझकर उल्लंघन नहीं किया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और दुष्प्रचार को रोकने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया था। वहीं, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने स्पष्ट किया है कि उस दिन पूरी तरह से मेट्रो सेवा बंद नहीं की गई थी, बल्कि 45 मेट्रो यात्रियों को प्रतिबंधित किया गया था। *दिल्ली पुलिस ने सीजेपी पर लगाया हिंसा का आरोप:* दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने अदालत में कहा कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंध लगाना और अनुशासनहीनता पर रोक लगाना जरूरी था। पुलिस ने सीजेपी पर हिंसा करने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और लोगों को घायल करने का आरोप लगाया है। *सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाओं पर सुनवाई:* जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ अवमानना मामले में दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकारी पक्ष रखा। वहीं याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर वकील कपिल सिब्बल, गोपाल शंकरनारायणन, मेनका गुरुस्वामी, संजय हेगड़े, शोभा आलम और शादान ने पक्ष रखा। अदालत का अभी कोई फैसला सामने नहीं आया है, सुनवाई अभी जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *