Alok Verma, Jaunpur Bueauro,

डीएम ने की सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक, क्रिटिकल ब्लॉकों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग और चेकडैम निर्माण पर विशेष जोर
डीएम ने सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश: समय से हो नहरों की सिल्ट सफाई, टेल तक पहुंचे पानी
कलेक्ट्रेट सभागार में सिंचाई व जल संरक्षण कार्यों की समीक्षा, 8 क्रिटिकल ब्लॉकों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग और चेकडैम निर्माण पर विशेष जोर
जौनपुर:
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सिंचाई विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जनपद में नहरों की सिल्ट सफाई, सिंचाई व्यवस्था, नलकूपों के संचालन और जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। इस दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को सिंचाई के लिए किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी कार्य तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं।
टेल तक पानी पहुंचाना सुनिश्चित करें अधिकारी
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नहरों की सिल्ट सफाई का कार्य निर्धारित समय के अंदर अनिवार्य रूप से पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि रोस्टर के अनुसार नहरों के अंतिम छोर (टेल) तक पानी पहुंचना चाहिए, ताकि किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए समय से पर्याप्त पानी मिल सके। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
8 क्रिटिकल ब्लॉकों में जल संचयन के लिए बनेगी विशेष कार्ययोजना
भूजल स्तर में सुधार और जल संरक्षण पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने सतही जल के अधिकतम उपयोग का आह्वान किया। उन्होंने जनपद के आठ क्रिटिकल जोन वाले विकास खंडों में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग), चेकडैम निर्माण और पानी रोकने के अन्य प्रभावी उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने को कहा। इसके साथ ही पारंपरिक जल स्रोतों, विशेषकर पुराने कुओं को पुनर्जीवित करने के भी निर्देश दिए।
नलकूपों का नियमित संचालन और भूमि विवादों का त्वरित निस्तारण
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सरकारी नलकूपों की स्थिति का जायजा लेते हुए उनके निर्बाध व नियमित संचालन के निर्देश दिए। वहीं सिंचाई परियोजनाओं अथवा कार्यों से जुड़े भूमि विवादों के मामलों में संबंधित उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) से समन्वय स्थापित कर नियमानुसार त्वरित निस्तारण सुनिश्चित कराने को कहा गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ), अधिशासी अभियंता (सिंचाई) समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।