Alok Verma, Jaunpur Bueauro,
शाहगंज पहुंचे देवदूत वानर सेना के संस्थापक, जीव सेवा को बताया सबसे बड़ा धर्म
*सुइथाकलां* : देवदूत वानर सेना के संस्थापक एवं समाज कल्याण विभाग लखनऊ के डिप्टी डायरेक्टर *अजीत प्रताप सिंह* रविवार को शाहगंज के सुइथाकलां क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने कहा कि वानर जिस तरह संकट में अपने साथी को नहीं छोड़ते, उसी भावना से जरूरतमंदों की मदद करना ही सच्ची मानवता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि कोरोना काल में जब लोग अपनों से दूर भाग रहे थे, तब “देवदूत वानर सेना” की नींव रखी गई। आज यह संगठन रक्तदान, दवा वितरण, लावारिस मरीजों को अस्पताल पहुंचाना, गरीब कन्याओं का विवाह और बेरोजगारों को रोजगार दिलाने जैसे कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से 70 हजार से अधिक लोग इस मुहिम से जुड़ चुके हैं। “हमारा लक्ष्य है कि हर गांव में कम से कम एक देवदूत सक्रिय हो जो संकट में लोगों के काम आए,” उन्होंने कहा।
इस अवसर पर सेना के पदाधिकारियों ने भी जीव जंतुओं की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
*साथ ही चला ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान*
शाहगंज में संस्थापक के आगमन के साथ ही वृहद वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया। नगर पंचायत शाहगंज द्वारा अंत्येष्टि स्थल पर 700 पौधे लगाए गए। वहीं
शाहगंज-सोंधी क्षेत्र में 1.49 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। ग्राम पंचायत से लेकर नगर पंचायत तक लोगों ने इस अभियान में भागीदारी की।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, समाजसेवी और सेना के सदस्य उपस्थित रहे।